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पटना। बिहार विधानसभा के बजट सत्र का छठा दिन राजनीतिक गर्माहट और तीखी बयानबाजी के बीच बीता। विपक्ष ने एक बार फिर राज्य में कानून-व्यवस्था और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर सरकार पर हमला बोला, जबकि सत्ता पक्ष ने अपने प्रशासनिक कदमों और कानून व्यवस्था सुधारने के प्रयासों का बचाव किया। हंगामे, नारेबाजी और आरोप-प्रत्यारोप के कारण सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित होती रही, जिससे सत्र का माहौल तनावपूर्ण बना रहा।

विपक्ष का कानून-व्यवस्था पर हमला

बजट सत्र के दौरान विपक्ष ने लगातार कानून-व्यवस्था का मुद्दा उठाया। विपक्षी दलों का आरोप है कि राज्य में अपराध की घटनाएं बढ़ी हैं और महिलाओं के खिलाफ अपराधों को लेकर सरकार गंभीर नहीं है। इसी मुद्दे को लेकर विपक्षी सदस्य वेल में उतर आए और सरकार से विस्तृत चर्चा तथा जवाब की मांग करने लगे।

गौरतलब है कि, विपक्ष का कहना था कि राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं और सरकार को इस मुद्दे पर स्पष्ट नीति और ठोस कदमों की जानकारी सदन में देनी चाहिए। विपक्षी नेताओं ने यह भी कहा कि महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा राजनीति से ऊपर है और इस पर सभी दलों को मिलकर काम करना चाहिए। मंगलवार को सत्र के दौरान एक अलग ही दृश्य देखने को मिला, जब चनपटिया से कांग्रेस विधायक अभिषेक रंजन बिहार सरकार का पुतला लेकर सदन पहुंचे। पुतले पर हालिया अपराधों की सूची चस्पा की गई थी और उसे चूड़ियां पहनाई गई थीं। इसके साथ एक पोस्टर भी लगाया गया था, जिस पर लिखा था—“माफी चाहते हैं, हम बिहार की बेटियों को न्याय नहीं दिला पा रहे।”इस प्रतीकात्मक विरोध ने सदन में हलचल मचा दी और सत्ता पक्ष के सदस्यों ने इसे अनुचित और सदन की मर्यादा के खिलाफ बताया। वहीं कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने कहा कि यह विरोध राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर सरकार का ध्यान खींचने के लिए किया गया है।

नीतीश-राबड़ी की नोकझोंक की गूंज

सदन में चल रहे हंगामे के बीच सोमवार को विधान परिषद में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी के बीच हुई तीखी नोकझोंक की गूंज मंगलवार को भी सुनाई दी। इस बहस ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया। राबड़ी देवी ने मुख्यमंत्री पर तीखे शब्दों में हमला बोला था, जिस पर नीतीश कुमार की प्रतिक्रिया को लेकर विपक्ष ने आपत्ति जताई। इस घटनाक्रम का असर अगले दिन विधानसभा की कार्यवाही में भी देखने को मिला, जहां विपक्ष ने इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार पर हमला जारी रखा।

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