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समाचार मिर्ची

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसमें उन्होंने तीन प्रमुख मांगें रखीं। संगठन ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे या बर्खास्तगी की मांग दोहराई।CJP ने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री NEET 2026 पेपर लीक समेत कई परीक्षाओं को सफलतापूर्वक कराने में विफल रहे। संगठन के अनुसार, NEET पेपर लीक के कारण 21 छात्रों ने आत्महत्या कर ली। इसके अलावा CBSE 12वीं की पोर्टल समस्याएं और CUET परीक्षा में देरी जैसी घटनाओं पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

ज्ञापन में CJP ने सोनम वांगचुक की बिना किसी प्रतिबंध के रिहाई, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और NEET 2026 पेपर लीक में आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की। संगठन ने बताया कि 6 जून से शांतिपूर्ण प्रदर्शनों की शुरुआत हुई थी, जिसमें 20 जून से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया गया। सोनम वांगचुक 28 जून से भूख हड़ताल पर हैं, जो 20 जुलाई तक जारी है।CJP नेता सौरव दास ने कहा कि मंत्री ने मामले पर सही स्तर पर बातचीत का भरोसा दिलाया, लेकिन अभी कोई पक्का वादा नहीं हुआ। मुलाकात के बाद केंद्रीय मंत्री ने CJP से धरना खत्म करने को कहा। प्रदर्शनकारी तब तक शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखेंगे, जब तक मांगें पूरी नहीं हो जातीं।

तीन प्रमुख मांगों पर जोर

CJP ने अपने ज्ञापन में तीन प्रमुख मांगें रखीं। पहली मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे या उन्हें पद से हटाए जाने की है। संगठन का आरोप है कि शिक्षा मंत्रालय के नेतृत्व में आयोजित कई महत्वपूर्ण परीक्षाओं के संचालन में गंभीर खामियां सामने आई हैं, जिससे छात्रों का भरोसा कमजोर हुआ है।

दूसरी प्रमुख मांग सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की बिना किसी प्रतिबंध के रिहाई से जुड़ी है। संगठन का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान किया जाना चाहिए।

तीसरी मांग NEET 2026 पेपर लीक प्रकरण से जुड़ी है। CJP ने दावा किया कि इस कथित घटना से प्रभावित होकर 21 छात्रों ने आत्महत्या की। संगठन ने इन सभी छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

जेपी नड्डा से हुई मुलाकात

CJP नेताओं और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के बीच हुई मुलाकात को संगठन ने सकारात्मक शुरुआत बताया। CJP नेता सौरव दास ने कहा कि मंत्री ने उनकी बात गंभीरता से सुनी और उचित स्तर पर मामले को उठाने का भरोसा दिया।

हालांकि, संगठन के अनुसार, बैठक के दौरान किसी भी मांग पर अंतिम निर्णय या लिखित आश्वासन नहीं दिया गया। सौरव दास ने कहा कि बातचीत रचनात्मक माहौल में हुई, लेकिन अभी तक ऐसा कोई ठोस वादा नहीं किया गया है जिससे आंदोलन समाप्त किया जा सके।

फिलहाल CJP और केंद्र सरकार के बीच बातचीत का पहला दौर पूरा हो चुका है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार संगठन की मांगों पर क्या रुख अपनाती है और आगे की वार्ता किस दिशा में बढ़ती है। वहीं CJP ने दोहराया है कि उसकी मांगें पूरी होने तक उसका आंदोलन लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा।

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