नई दिल्ली। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने धार भोजशाला परिसर को मंदिर घोषित कर हिंदू पक्ष को पूजा का अधिकार दिया है। इस फैसले के खिलाफ मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है।हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की याचिका पर हाईकोर्ट द्वारा दिए गए फैसले को चुनौती देते हुए काजी मोइनुद्दीन ने गुरुवार रात करीब 8:30 बजे सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दाखिल की। उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट आज यानी शुक्रवार को इस मुद्दे पर सुनवाई कर सकता है।
इस कड़ी मे बता दें कि. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के फैसले के बाद शुक्रवार को धार स्थित भोजशाला में मां वाग्देवी की महाआरती और विशेष पूजन की तैयारी है। मंदिर पक्ष सुबह नौ बजे महाआरती करेगा, जबकि दोपहर 12 बजे श्रद्धालु ज्योति मंदिर से भोजशाला दर्शन के लिए रवाना होंगे।यह 721 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद पहला अवसर होगा जब भोजशाला परिसर मां वाग्देवी के जयकारों से गूंजेगा। अब तक प्रत्येक शुक्रवार को मुस्लिम समाज के लोग यहां नमाज पढ़ते थे, लेकिन आज यह पहला मौका है जब यहां नमाज नहीं पढ़ी जाएगी।
धार में जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष पुलिस बल तैनात है और आस-पास के जिलों में भी पुलिस अलर्ट पर है।
