प्रयागराज। माघ मेला 2026 का शुभारंभ हो चुका है और संगम तट पर आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। 3 जनवरी को पौष पूर्णिमा के अवसर पर शुरू हुए मेले की में पहले ही दिन से ही लाखों श्रद्धालु गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में स्नान कर पुण्य अर्जित कर रहे हैं ये संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं का उययत्साह देखते ही बन रहा है।
माघ मेला इस बार 15 फरवरी तक चलेगा और इसमें मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या, बसंत पंचमी और महाशिवरात्रि जैसे प्रमुख स्नान पर्व शामिल होंगे। साधु-संतों की पंचकोसी परिक्रमा भी शुरू हो चुकी है और अखाड़ों के संत अनुशासन के साथ धार्मिक अनुष्ठानों में भाग ले रहे हैं। संगम क्षेत्र में गंगा पूजन, भंडारे और प्रवचन से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना हुआ है।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए विशेष इंतज़ाम किए हैं। मेले क्षेत्र में पुलिस चौकियां, फायर टेंडर और जल पुलिस की तैनाती की गई है। घाटों पर बैरिकेडिंग और स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था की गई है ताकि भीड़ के बीच किसी तरह की असुविधा न हो। यातायात नियंत्रण के लिए भी व्यापक योजना लागू की गई है।
माघ मेले के दौरान प्रयागराज की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का दर्शन देशभर से आए श्रद्धालु और पर्यटक कर रहे हैं। मंत्रोच्चार, धार्मिक अनुष्ठान और संगम की आस्था इस मेले को और भी भव्य बना रहे हैं। यह आयोजन न केवल आस्था का पर्व है बल्कि प्रयागराज की परंपरा और संस्कृति का जीवंत उत्सव भी है।
