देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज देहरादून पहुंचे। उन्होंने देहरादून एयरपोर्ट पर लैंडिंग की। इसके बाद वह हेलीकॉप्टर से सहारनपुर के गणेशपुर जाएंगे, जहां से एलिवेटेड कार से रोड शो करते हुए मां डाट काली मंदिर पहुंचेंगे। मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना के बाद दोपहर में मेजर जसवंत सिंह मैदान में जनसभा को संबोधित करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी आज दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। यह एक्सप्रेसवे छह वर्षों के निर्माण के बाद पूरा हुआ है। 2020 में परियोजना को मंजूरी मिली थी, 2021 में शिलान्यास हुआ। परियोजना में 113 अंडरपास, 5 रेलवे ओवरब्रिज, 76 किमी सर्विस रोड और 340 मीटर डाटकाली टनल शामिल हैं। एक्सप्रेसवे पूरी तरह एक्सेस कंट्रोल्ड है और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे तथा ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से जुड़ा है। उद्घाटन के बाद दिल्ली से देहरादून की दूरी ढाई से तीन घंटे रह जाएगी।
मां डाट काली मंदिर को प्रधानमंत्री के दर्शन कार्यक्रम के लिए विशेष रूप से सजाया गया है। परिसर में तीन क्विंटल फूलों से सजावट की गई है, जिसमें एंथुरियम, एस्टर, डेजी और गुलदाउदी जैसे फूल शामिल हैं। पूजा स्थल के फूल दिल्ली से और बाहरी सजावट वृंदावन से मंगाई गई। प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की गई है। उत्तराखंड पुलिस ने 550 महिला पुलिस अधिकारियों और कर्मियों की तैनाती की है। जिला प्रशासन ने पूरे मार्ग को 13 जोनों में विभाजित किया है। यह प्रधानमंत्री मोदी का उत्तराखंड का 28वां दौरा है।
डाटकाली मंदिर में पूजा-अर्चना
रोड शो के बाद प्रधानमंत्री मोदी मां डाटकाली मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना की। यह मंदिर क्षेत्र का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है और स्थानीय लोगों के बीच इसकी गहरी आस्था है। प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया गया था।
मंदिर को सजाने के लिए करीब तीन क्विंटल फूलों का इस्तेमाल किया गया, जिनमें एंथुरियम, एस्टर, डेजी और गुलदाउदी जैसे आकर्षक फूल शामिल थे। पूजा स्थल के लिए विशेष फूल दिल्ली से मंगाए गए थे, जबकि बाहरी सजावट के लिए वृंदावन से फूल लाए गए। पूरे मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे फूलों से सुसज्जित कर एक भव्य और आध्यात्मिक वातावरण तैयार किया गया।
एक्सप्रेसवे का उद्घाटन: विकास को नई गति
प्रधानमंत्री मोदी इस दौरे के दौरान बहुप्रतीक्षित दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन भी करेंगे। यह परियोजना पिछले छह वर्षों से निर्माणाधीन थी और अब पूरी तरह तैयार हो चुकी है। इस एक्सप्रेसवे को देश के आधुनिक बुनियादी ढांचे का एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।
इस परियोजना को वर्ष 2020 में मंजूरी मिली थी और 2021 में इसका शिलान्यास किया गया था। इसके निर्माण में कई अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है। एक्सप्रेसवे में कुल 113 अंडरपास, 5 रेलवे ओवरब्रिज और 76 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड बनाई गई है। इसके अलावा 340 मीटर लंबी डाटकाली टनल भी इस परियोजना का प्रमुख आकर्षण है।
