नई दिल्ली। नीट पेपर लीक मामले को लेकर मंगलवार को कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया। प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन के बाद राहुल गांधी को छत्रसाल स्टेडियम और प्रियंका गांधी को मंदिर मार्ग थाने ले जाया गया।
इस कड़ी में यहां जानकारी दे दें कि, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी प्रियंका गांधी से मिलने थाने पहुंचीं। रात करीब 9 बजे दोनों भाई-बहनों को रिहा कर दिया गया। रिहाई के बाद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार के सामने पांच प्रमुख मांगें रखीं।राहुल गांधी ने मांग की कि गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत इस्तीफा दें। उन्होंने सोमवार को छात्रों पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी मामले वापस लेने की भी मांग की। इसके अलावा प्रधानमंत्री से छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के लिए माफी मांगने, संसद के दोनों सदनों में इस मुद्दे पर तुरंत चर्चा कराने और परीक्षा प्रणाली व शिक्षा व्यवस्था में कड़े सुधार करने की मांग रखी।
राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था चरमराने, बार-बार पेपर लीक होने और महंगी पढ़ाई जैसे सवाल भी उठाए। केंद्र सरकार की ओर से पीएमओ राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कांग्रेस पर राजनीतिक ड्रामा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार संसद में चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन कांग्रेस सुर्खियां बटोरने में लगी है।
राहुल गांधी ने सरकार के सामने रखीं पांच प्रमुख मांगें
रिहाई के बाद मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी ने केंद्र सरकार से पांच महत्वपूर्ण मांगें कीं। उन्होंने कहा कि छात्रों के हितों की रक्षा के लिए सरकार को तत्काल ठोस कदम उठाने चाहिए।
राहुल गांधी की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं—
- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से तत्काल इस्तीफा दें।
- छात्रों पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
- छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी मामलों को वापस लिया जाए।
- प्रधानमंत्री छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।
- संसद के दोनों सदनों में इस पूरे मुद्दे पर तत्काल चर्चा कर परीक्षा प्रणाली और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार किए जाएं।
राहुल गांधी ने कहा कि यह केवल एक परीक्षा का मामला नहीं है, बल्कि करोड़ों छात्रों के भरोसे और उनके भविष्य का प्रश्न है।
अब सभी की निगाहें संसद की कार्यवाही और सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। यदि इस विषय पर संसद में विस्तृत चर्चा होती है, तो परीक्षा प्रणाली में सुधार, छात्रों की सुरक्षा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नए सुझाव और नीतिगत निर्णय सामने आ सकते हैं। फिलहाल, यह स्पष्ट है कि नीट पेपर लीक का मुद्दा आने वाले दिनों में भी देश की राजनीति और शिक्षा व्यवस्था के केंद्र में बना रहेगा।
