नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती कर दी है। पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 13 रुपये प्रति लीटर से घटकर 3 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल पर यह 10 रुपये से घटकर शून्य कर दी गई है। यह फैसला गुरुवार को जारी आदेश के साथ प्रभावी हुआ।सरकार का यह कदम मध्य पूर्व में जारी युद्ध और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण उठाया गया है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है।
27 मार्च 2026 को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। विभिन्न शहरों में पेट्रोल की कीमतें इस प्रकार हैं: हैदराबाद में सबसे अधिक 107.46 रुपये प्रति लीटर और चंडीगढ़ में सबसे कम 94.30 रुपये प्रति लीटर। डीजल की कीमत हैदराबाद में 95.70 रुपये प्रति लीटर और चंडीगढ़ में 82.45 रुपये प्रति लीटर है।निजी कंपनी नायारा एनर्जी ने एक दिन पहले पेट्रोल की कीमत में 5.30 रुपये और डीजल में 3 रुपये की बढ़ोतरी की थी, जबकि सरकारी तेल कंपनियों ने दरें स्थिर रखी हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का दबाव
केंद्र सरकार का यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी देखी जा रही है। मध्य पूर्व में जारी तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों ने तेल आपूर्ति को प्रभावित किया है, जिसके कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं।
भारत अपनी कुल ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात के माध्यम से पूरा करता है। ऐसे में वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर देश के भीतर पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर पड़ता है। यही वजह है कि सरकार को हस्तक्षेप करते हुए टैक्स में कटौती का रास्ता अपनाना पड़ा।
आम जनता को बड़ी राहत
एक्साइज ड्यूटी में कटौती का सबसे बड़ा फायदा आम उपभोक्ताओं को मिलेगा। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी आने से लोगों के दैनिक खर्च में कमी आएगी। खासकर उन लोगों को राहत मिलेगी जो रोजाना अपने निजी वाहनों का उपयोग करते हैं।
इसके अलावा, डीजल की कीमतों में कमी का असर व्यापक रूप से देखने को मिलेगा, क्योंकि डीजल का उपयोग माल परिवहन, कृषि और औद्योगिक गतिविधियों में बड़े पैमाने पर होता है। ट्रकों, बसों और ट्रैक्टरों के संचालन की लागत कम होने से वस्तुओं की ढुलाई सस्ती हो सकती है, जिससे बाजार में कई उत्पादों की कीमतों में भी गिरावट संभव है।
