समाचार मिर्ची

समाचार मिर्ची: सबसे तेज़ खबरें, हर पल ताज़ा विश्वसनीय समाचार, हर नजरिए से सही देश-दुनिया की सबसे ताज़ा खबरें खबरें जो आपको बनाए रखें अपडेट राजनीति से लेकर खेल तक, सबकुछ आपको मिलेगा तेज और विश्वसनीय खबरें, बस एक क्लिक दूर हर पल की ताज़ी खबर, बिना किसी झोल के खबरें जो आपको चौंका दें, हर बार जानिए हर अपडेट, सबसे पहले और सबसे सही जहाँ सच्चाई और ताजगी मिलती है

समाचार मिर्ची: सबसे तेज़ खबरें, हर पल ताज़ा विश्वसनीय समाचार, हर नजरिए से सही देश-दुनिया की सबसे ताज़ा खबरें खबरें जो आपको बनाए रखें अपडेट तेज और विश्वसनीय खबरें, बस एक क्लिक दूर हर पल की ताज़ी खबर, बिना किसी झोल के खबरें जो आपको चौंका दें, हर बार जानिए हर अपडेट, सबसे पहले और सबसे सही जहाँ सच्चाई और ताजगी मिलती है

नई दिल्ली। 1 फरवरी 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज लोकसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश किया। यह मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला पूर्ण बजट है और निर्मला सीतारमण का लगातार नौवां बजट भाषण रहा। बजट का मुख्य फोकस ‘विकसित भारत

जानकारी दे दें कि, बजट में मध्यम वर्ग को इनकम टैक्स में कोई बड़ी राहत नहीं मिली। आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है और स्टैंडर्ड डिडक्शन भी पहले जैसा ही रखा गया है। नतीजतन, मीडिल क्लास को टैक्स बोझ में कमी की उम्मीद पर पानी फिर गया। वहीं, शेयर बाजार में फ्यूचर एंड ऑप्शन (F&O) सेगमेंट पर सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) में बढ़ोतरी कर दी गई है। फ्यूचर्स पर STT 0.02% से बढ़ाकर 0.05% और ऑप्शंस पर भी वृद्धि की गई है। इस घोषणा के बाद शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी गई, निफ्टी 50 करीब 3% टूटकर 25,600 के नीचे चला गया।

हालांकि, आम आदमी, गरीबों और मरीजों के लिए कुछ राहत भरे ऐलान किए गए हैं। दवाओं के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों की 17 दवाओं पर बेसिक कस्टम्स ड्यूटी (BCD) पूरी तरह माफ कर दी गई है। साथ ही, 7 और दुर्लभ बीमारियों की दवाओं और विशेष चिकित्सकीय भोजन पर पर्सनल इंपोर्ट के लिए ड्यूटी छूट दी गई है। व्यक्तिगत उपयोग के लिए आयातित सभी देय वस्तुओं पर टैरिफ 20% से घटाकर 10% कर दिया गया है, जिससे मरीजों को विदेश से दवाएं मंगवाना सस्ता हो जाएगा। इससे कैंसर, दुर्लभ रोगों और अन्य क्रॉनिक बीमारियों के इलाज की लागत में कमी आएगी, जो लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत है।

चलते चलते बता दें कि, बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर दिया गया है। सार्वजनिक पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किया गया है। फिस्कल डेफिसिट को 4.3% ऑफ जीडीपी पर लक्षित किया गया है, जो वित्तीय अनुशासन का संकेत है। रेलवे क्षेत्र में बड़ा ऐलान किया गया – सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे, जो पर्यावरण अनुकूल यात्री परिवहन को बढ़ावा देंगे और आर्थिक विकास के ‘ग्रोथ कनेक्टर्स’ का काम करेंगे। ये कॉरिडोर हैं:

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version