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इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में दिसंबर 2025 के अंत से शुरू हुए दूषित पेयजल संकट ने पूरे प्रदेश को हिला कर रख दिया है। इस संकट में उल्टी-दस्त जैसी बीमारियां फैलने से कई लोगों की जान चली गई और सैकड़ों प्रभावित हुए। इसी पृष्ठभूमि में लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शनिवार 17 जनवरी 2026 को इंदौर पहुंचे। उन्होंने बॉम्बे अस्पताल में भर्ती मरीजों से मुलाकात की और भागीरथपुरा इलाके में मृतकों के परिजनों से मिलकर गहन संवेदना व्यक्त की।

बताते चले कि, राहुल गांधी का कार्यक्रम सुबह शुरू हुआ। वे दिल्ली से स्पेशल फ्लाइट से करीब 11 बजे इंदौर एयरपोर्ट पहुंचे। यहां मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और अन्य स्थानीय नेताओं ने उनका स्वागत किया। सबसे पहले वे बॉम्बे अस्पताल पहुंचे, जहां दूषित पानी से प्रभावित कई मरीज भर्ती हैं। अस्पताल में राहुल गांधी ने गंभीर हालत में भर्ती मरीजों से बातचीत की, उनके हालचाल जाने और परिवारों से संवाद किया। उन्होंने मरीजों को सांत्वना दी और कहा कि ऐसी त्रासदी कभी नहीं होनी चाहिए।

इस संकट में इंदौर की छवि भी प्रभावित हुई है, क्योंकि शहर लगातार स्वच्छ सर्वेक्षण में देश का सबसे स्वच्छ शहर घोषित होता रहा है। लेकिन यह घटना जल आपूर्ति प्रणाली की कमजोरियों को उजागर करती है। सरकार ने प्रभावित क्षेत्र में टैंकर से पानी की आपूर्ति शुरू की, मुफ्त दवाइयां बांटीं और इलाज के लिए विशेष व्यवस्था की। शहरी विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि चुनौतियां आती-जाती रहती हैं और हम उनका सामना करेंगे।

हम आपको ये भी बता दें कि, राहुल गांधी का यह दौरा विपक्ष की सक्रिय भूमिका को दर्शाता है। उन्होंने पीड़ितों के साथ खड़े होकर सरकार से जवाबदेही की मांग की है। वहीं, सरकार का दावा है कि राहत कार्य तेजी से हो रहे हैं और एक 800 करोड़ रुपये का जल परियोजना भी शुरू की गई है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। यह संकट न केवल स्वास्थ्य से जुड़ा है, बल्कि शासन, बुनियादी ढांचे और राजनीतिक जिम्मेदारी का भी बड़ा सवाल खड़ा करता है। इंदौर जैसे शहर में ऐसी घटना से पूरे देश की नजर इस पर टिकी हुई है।

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