वेनेज़ुएला, दक्षिण अमेरिका का एक महत्वपूर्ण देश, न केवल अपनी विशाल प्राकृतिक संपदा के लिए जाना जाता है, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े प्रमाणित तेल भंडार होने के कारण भी वैश्विक ऊर्जा बाजार में अपनी विशेष स्थिति रखता है। जनवरी 2026 तक के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, वेनेज़ुएला के पास लगभग 303 अरब बैरल प्रमाणित तेल भंडार हैं, जो वैश्विक कुल का करीब 17 प्रतिशत है। यह मात्रा सऊदी अरब (267 अरब बैरल) से भी अधिक है और दुनिया में किसी भी अन्य देश से ज्यादा है।
हालांकि अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण ये परियोजनाएं प्रभावित हुईं और ओएनजीसी को वर्षों से लाभांश नहीं मिल पाया, जिसकी राशि 50 करोड़ डॉलर से अधिक बताई जाती है। 2026 के हालिया राजनीतिक बदलावों के बाद विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय कंपनियों को पुराने बकाया मिलने और उत्पादन बढ़ाने के नए अवसर मिल सकते हैं। इससे न केवल भारत को सस्ते भारी कच्चे तेल की आपूर्ति मिल सकती है, बल्कि रिफाइनिंग मार्जिन में सुधार भी हो सकता है।
जानकारी दे दें कि, वेनेज़ुएला की जनसंख्या 2025-2026 के अनुमानों के अनुसार लगभग 2.8 से 3 करोड़ के बीच है, हालांकि बड़े पैमाने पर प्रवासन के कारण यह संख्या प्रभावित हुई है। देश में मुख्य भाषा स्पेनिश है, और यहां उच्च स्तर का शहरीकरण देखा जाता है।तेल के अलावा वेनेज़ुएला प्रकृति का एक अनमोल खजाना है। यहां का सबसे प्रसिद्ध आकर्षण एंजेल फॉल्स (सल्टो एंजेल) है, जो दुनिया का सबसे ऊंचा निरंतर झरना है। इसकी ऊंचाई 979 मीटर है,
