नई दिल्ली।गर्मियों में घर पर ही पालक और मलमला जैसी हरी सब्जियां उगाकर कम खर्च में ताजा और पौष्टिक भोजन प्राप्त किया जा सकता है। ये सब्जियां सेहत के लिए बेहद फायदेमंद हैं।गर्मियों के मौसम में हरी पत्तेदार सब्जियों की मांग बढ़ जाती है। बाजार में मिलने वाली सब्जियां कभी महंगी होती हैं तो कभी ताजगी में कम। ऐसे में घर के बगीचे, छत या गमलों में इनकी खेती की जा सकती है। इससे पैसे की बचत होती है और हर दिन ताजी सब्जियां मिलती हैं।
पालक और मलमला जैसी भाजियां गर्मियों में आसानी से उगाई जा सकती हैं। इनके बीज लगभग 20 से 30 रुपये में आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं। इनकी खेती के लिए ज्यादा निवेश की जरूरत नहीं पड़ती। घर में मौजूद जैविक खाद जैसे रसोई का कचरा या गोबर की खाद का उपयोग किया जा सकता है।
इन सब्जियों को उगाने की प्रक्रिया बहुत आसान है। सबसे पहले मिट्टी को अच्छे से भुरभुरा कर लें। फिर बीजों को हल्के से मिट्टी में डालकर ऊपर से हल्की मिट्टी से ढक दें। पानी देते समय ध्यान रखें कि मिट्टी में नमी बनी रहे लेकिन पानी जमा न हो। बीज बोने के लगभग 15 दिनों के भीतर ये कटाई के लिए तैयार हो जाती हैं।ये भाजियां बहुत तेजी से बढ़ती हैं। एक बार लगाने के बाद कई बार काटा जा सकता है। पत्तियां काटने पर पौधा फिर से तेजी से बढ़ता है। सही पानी और देखभाल से ये पूरी गर्मी के मौसम में लगातार उत्पादन देती रहती हैं।
कम लागत में शुरू करें किचन गार्डन
घर पर हरी सब्जियां उगाने के लिए बहुत अधिक निवेश की आवश्यकता नहीं होती। पालक और मलमला के बीज स्थानीय बाजार में मात्र 20 से 30 रुपये में आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं। इसके अलावा, खेती के लिए आवश्यक खाद भी घर में ही तैयार की जा सकती है। रसोई से निकलने वाला जैविक कचरा जैसे सब्जियों के छिलके, फल के अवशेष और गोबर की खाद को मिलाकर बेहतरीन प्राकृतिक खाद बनाई जा सकती है।
15 दिनों में तैयार हो जाती है फसल
घर पर उगाई गई पालक और मलमला की खास बात यह है कि यह बहुत कम समय में तैयार हो जाती हैं। बीज बोने के लगभग 15 दिनों के भीतर ये कटाई के लिए तैयार हो जाती हैं। इससे घर में लगातार ताजी सब्जियों की उपलब्धता बनी रहती है।
इसके अलावा, यदि समय-समय पर नई बुवाई की जाए तो पूरे गर्मी के मौसम में ताजी हरी सब्जियां मिलती रह सकती हैं। यह एक निरंतर प्रक्रिया है, जिससे परिवार की पोषण संबंधी जरूरतें आसानी से पूरी की जा सकती हैं।
