कोलकाता।पश्चिम बंगाल में चुनाव ड्यूटी पर तैनात 65 अधिकारियों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। इन अधिकारियों के नाम विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान काटे गए। उनके ड्यूटी आदेशों में वोटर आईडी नंबर दर्ज थे, लेकिन अब ये नंबर भी डिलीट कर दिए गए हैं।
इन अधिकारियों ने इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में उठाया है। शुक्रवार को दायर याचिका में कहा गया कि चुनाव कराने वाले अधिकारी खुद वोट नहीं डाल पाएंगे। सीनियर एडवोकेट एमआर शमशाद ने याचिका की ओर से बहस करते हुए इसे मनमाना फैसला बताया। कई अधिकारियों को नाम हटाने की वजह भी नहीं बताई गई।
सुप्रीम कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की बेंच ने याचिकाकर्ताओं को अपीलीय ट्रिब्यूनल के सामने अपनी दलीलें रखने को कहा। न्यायमूर्ति बागची ने कहा कि ट्रिब्यूनल उचित आदेश देगा। इस चुनाव में वे वोट न दे पाएं, लेकिन मतदाता सूची में बने रहने का उनका महत्वपूर्ण अधिकार सुरक्षित रहेगा।राज्य में मतदाता सूची के विशेष संशोधन के दौरान कुल 90.8 लाख नाम हटाए गए हैं। बृहस्पतिवार को पहले चरण के मतदान में 92.8 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
