भारत और जापान के बीच रणनीतिक साझेदारी नई ऊंचाइयों पर पहुंच रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार सुबह 2 दिन के दौरे पर जापान पहुंचे। बतौर प्रधानमंत्री यह उनकी आठवीं जापान यात्रा है, जो इस बात का प्रमाण है कि दोनों देशों के बीच रिश्ते कितने गहरे और दीर्घकालिक हैं।
जापानी मीडिया के मुताबिक इस यात्रा के दौरान जापान, भारत में 10 ट्रिलियन येन, यानी 5.93 लाख करोड़ रुपए के निवेश की घोषणा करने वाला है। ट्रम्प के भारत पर 50% टैरिफ लगाने के फैसले के बाद मोदी का यह दौरा भारत की रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को मजबूत बनाने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
टोक्यो के होटल में मोदी का स्वागत बेहद अनोखे अंदाज में हुआ। स्थानीय कलाकारों ने गायत्री मंत्र का उच्चारण करते हुए उनका अभिनंदन किया। प्रधानमंत्री मोदी ने भी हाथ जोड़कर पारंपरिक भारतीय शैली में इसका जवाब दिया। इसके बाद उन्होंने होटल परिसर में मौजूद प्रवासी भारतीयों से मुलाकात की और उन्हें भारत-जापान रिश्तों के भविष्य के बारे में आश्वस्त किया।
बता दें कि, मोदी जापान के प्रधानमंत्री इशिबा शिगेरू से मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं के बीच टोक्यो में होने वाला यह वार्षिक सम्मेलन बेहद अहम माना जा रहा है। यह 15वां भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन है। इसमें द्विपक्षीय रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को और मजबूती देने पर चर्चा होगी।
जापानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस यात्रा के दौरान जापान भारत में 10 ट्रिलियन येन (करीब 5.93 लाख करोड़ रुपए) के निवेश की घोषणा कर सकता है। यह निवेश इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में किया जाएगा। यह भारत के लिए न केवल आर्थिक सहयोग बढ़ाने का अवसर है बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन में अपनी भूमिका को और मजबूत करने का भी मौका है।
वही,प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा केवल औपचारिक मुलाकात भर नहीं है, बल्कि यह भारत-जापान संबंधों में नई ऊर्जा और दिशा देने वाला है। एक तरफ जहां जापान भारत में बड़े पैमाने पर निवेश करने की तैयारी कर रहा है, वहीं भारत जापान को अपने सबसे विश्वसनीय साझेदारों में से एक मानता है।