जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के नौगाम इलाके में स्थित पुलिस स्टेशन में बीती रात हुए भयानक धमाके ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। इस हादसे में 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद पुलिस स्टेशन और आसपास के इलाके में तबाही के निशान साफ दिखाई दे रहे हैं।
नौगाम धमाके पर बयान जारी करते हुए गृह मंत्रालय ने कहा, “कल दिनांक 14 नवंबर की रात को समय 11.20 बजे एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना में जम्मू और कश्मीर के नौगाम पुलिस स्टेशन के अंदर एक बड़ा विस्फोट हुआ।”इस बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया कि धमाका किसी बाहरी हमले का परिणाम नहीं, बल्कि जप्त किए गए विस्फोटक की जांच के दौरान हुई तकनीकी चूक या आकस्मिक प्रतिक्रिया का नतीजा था।
दिल्ली कार ब्लास्ट के बाद एक और बड़ा धमाका
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब देश अभी दिल्ली कार ब्लास्ट की गुत्थी सुलझाने में जुटा है। नौगाम का यह हादसा सुरक्षा एजेंसियों के लिए नई चुनौती बनकर उभरा है, हालांकि गृह मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया है कि दोनों घटनाओं का कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है।फिर भी लगातार हो रहे विस्फोटों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। खासकर जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में हुए विस्फोट को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा बहस तेज हो गई है।
जानकारी दे दें कि, इस हादसे ने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के विस्फोटक पदार्थों को हैंडल करने के तरीकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विस्फोटक सामग्री का भंडारण, उनके परिवहन से लेकर सैंपलिंग तक, हर चरण में अत्यधिक सतर्कता की आवश्यकता होती है। बता दें कि, गृह मंत्रालय के बयान ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि नौगाम पुलिस स्टेशन का धमाका आतंकी घटना नहीं, बल्कि आकस्मिक विस्फोट था। हालाँकि, यह घटना सुरक्षा प्रबंधन, विस्फोटक हैंडलिंग और सिस्टम की खामियों को उजागर करती है।
