1 दिसंबर से शुरू होने जा रहा संसद का शीतकालीन सत्र इस बार विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार और विपक्ष दोनों ने आगामी सत्र के लिए अपनी-अपनी रणनीतियाँ तैयार कर ली हैं, जिसके चलते संसद में गरमागरम बहस, तीखी नोकझोंक और राजनीतिक टकराव की पूरी संभावना है। सरकार इस सत्र में 10 प्रमुख विधेयकों को आगे बढ़ाने की योजना बना रही है, वहीं विपक्ष SIR (सिक्योरिटी इंटेलिजेंस एंड रिस्पॉन्स सिस्टम) मुद्दे, चुनाव आयोग की कथित पक्षपातपूर्ण कार्यप्रणाली और कई अन्य विषयों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
विपक्ष की रणनीति: SIR और चुनाव आयोग पर जोर
विपक्ष ने इस बार सरकार को घेरने के लिए SIR (सिक्योरिटी इंटेलिजेंस एंड रिस्पॉन्स) मुद्दे को मुख्य हथियार के रूप में चुना है। SIR को लेकर विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने इसे लागू करने से पहले पर्याप्त स्पष्टीकरण या पारदर्शिता नहीं दिखाई। विपक्ष का कहना है कि इस सिस्टम के तहत निगरानी और डेटा नियंत्रण को लेकर कई सवाल उठते हैं।
सत्र की शुरुआत से ही इस मुद्दे पर जोरदार हंगामे की संभावना है।
बता दें कि, संसद का यह शीतकालीन सत्र कई मायनों में महत्वपूर्ण है। सरकार जहां कानून निर्माण और राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है, वहीं विपक्ष जवाबदेही और पारदर्शिता को लेकर सरकार को चुनौती देने के मूड में है। ऐसे में यह स्पष्ट है कि 1 दिसंबर से शुरू होने वाला शीतकालीन सत्र उत्साह, ऊर्जा, विवाद और बहस से भरा रहेगा। लोकतंत्र की दृष्टि से यह सत्र राजनीतिक स्थिति को और स्पष्ट करेगा और देश की नीतिगत दिशा पर गहरा प्रभाव डालेगा।
