अब तक हम सब ट्रेन हो बस हो या कोई दूसरा सफर चने को सबसे शुद्ध मानते थे मगर आजकल जो सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुए हैं औऱ जो मीडिया रिपोर्ट सामने आई है वो चौकाने वाली है। जिसे हम स्वास्थ्य वर्धक समझकर बच्चों को देते थे और खुद खाते थे वो तो धीमा जहर था।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में खाद्य सुरक्षा को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। लोगों के सबसे पसंदीदा और पौष्टिक स्नैक्स में शामिल भुने चने में ‘औरामाइन ओ’ (Auramine-O) नामक औद्योगिक डाई की खतरनाक मिलावट पाई गई है। यह केमिकल सामान्यत: कपड़े रंगने, चमड़ा उद्योग, और रसायन-आधारित प्रक्रियाओं में इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन लाभ कमाने की लालच में कुछ कारोबारी इसे खाद्य पदार्थों में भी मिला रहे हैं। इससे भुने चने न केवल चमकीले दिखते हैं,
बता दें कि औरामाइन ओ चनों को चमकदार पीला रंग देने के साथ कुरकुरापन भी देता, इससे लोग इसके प्रति आकर्षित होते हैं। इसका सेवन स्वास्थ्य जोखिम बढ़ा रहा है, विशेष कर बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों के लिए यह मिलावट जानलेवा साबित हो सकती है। यह न्यूरोलाजिकल विकार उत्पन्न करने के साथ ही और पाचन तंत्र नष्ट कर देता है
भुने चने में मिलावट क्यों?
भुना चना भारतीय आहार में एक पौष्टिक स्नैक माना जाता है। यह प्रोटीन, फाइबर और मिनरल्स का बेहतरीन स्रोत है। सामान्य परिस्थितियों में यह अत्यंत स्वास्थ्यकर माना जाता है, लेकिन जब इसमें मिलावट होती है, तो इसके गुण पूरी तरह समाप्त हो जाते हैं।
व्यापारी औरामाइन ओ का उपयोग इसलिए कर रहे हैं क्योंकि—
- यह चने को चमकीला पीला रंग देता है
- दिखने में चना अधिक ताज़ा और आकर्षक लगता है
- चने में कुरकुरापन बढ़ जाता है
- इसकी लागत बहुत कम है, लेकिन मुनाफा अधिक
जानकारी दे दें कि, यह मिलावट उपभोक्ताओं को दिखावे से प्रभावित करती है और उन्हें बिना शक किए इसे खरीदने पर मजबूर कर देती है।राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भुने चने में Auramine-O की मिलावट का खुलासा चिंताजनक है। यह न केवल उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ है, बल्कि खाद्य सुरक्षा नियमों का खुला उल्लंघन भी है। पौष्टिकता के लिए जाने जाने वाले भुने चने में यदि ऐसे जानलेवा रसायन मिलाए जाएं, तो यह करोड़ों लोगों के स्वास्थ्य को जोखिम में डाल सकता है।
