नई दिल्ली। टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक बार फिर हलचल मचा दी है जैक डॉर्सी ने। ट्विटर (अब एक्स) के सह-संस्थापक और ब्लॉक इंक. के सीईओ जैक डॉर्सी ने जुलाई 2025 में एक क्रांतिकारी मैसेजिंग ऐप ‘Bitchat’ लॉन्च किया है। यह ऐप पूरी तरह से इंटरनेट, वाई-फाई या मोबाइल नेटवर्क के बिना काम करता है और ब्लूटूथ लो एनर्जी (BLE) मेश नेटवर्किंग पर आधारित है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह उपयोगकर्ताओं को बिना किसी केंद्रीय सर्वर, अकाउंट या फोन नंबर के सुरक्षित और निजी संचार करने की सुविधा देता है।
Bitchat कैसे काम करता है?
यह ब्लूटूथ लो एनर्जी पर आधारित मेश नेटवर्किंग का इस्तेमाल करता है। प्रत्येक डिवाइस एक साथ क्लाइंट और सर्वर की भूमिका निभाता है। जब आप कोई मैसेज भेजते हैं, तो वह सीधे आसपास के दूसरे Bitchat यूजर्स के फोन से जुड़कर आगे रिले होता जाता है। डायरेक्ट रेंज लगभग 30-100 मीटर होती है, लेकिन मल्टी-हॉप रिले से यह दूरी 300 मीटर या उससे अधिक तक बढ़ सकती है। यदि प्राप्तकर्ता ऑफलाइन है, तो मैसेज आसपास के डिवाइस पर स्टोर हो जाता है और जैसे ही वह कनेक्ट होता है, डिलीवर हो जाता है। यह “स्टोर एंड फॉरवर्ड” मैकेनिज्म ऐप को बेहद रेजिलिएंट बनाता है।
बता दें कि, Bitchat का भविष्य उज्ज्वल दिखता है। भविष्य में वाई-फाई डायरेक्ट सपोर्ट से रेंज और स्पीड बढ़ेगी। यह न सिर्फ प्रोटेस्ट्स, आपदाओं या ट्रैवल में उपयोगी है, बल्कि बड़े इवेंट्स, पहाड़ी इलाकों या भीड़ में दोस्तों से कनेक्ट रहने के लिए भी आदर्श है। यह ऐप साबित करता है कि संचार का अधिकार उपयोगकर्ताओं के हाथ में होना चाहिए, न कि किसी केंद्रीय संस्था के।जैक डॉर्सी का यह कदम टेक्नोलॉजी में प्राइवेसी और स्वतंत्रता की नई दिशा दिखाता है। यदि पर्याप्त यूजर्स इसे अपनाते हैं, तो यह इंटरनेट-डिपेंडेंट कम्युनिकेशन की दुनिया बदल सकता है। क्या आप तैयार हैं इंटरनेट के बिना भी जुड़े रहने के लिए?
गौरतलब है कि, Bitchat का उपयोग वास्तविक दुनिया में पहले ही साबित हो चुका है। सितंबर 2025 में मैडागास्कर के प्रोटेस्ट्स में हजारों डाउनलोड्स हुए, जहां इंटरनेट ब्लैकआउट के दौरान 70,000 से अधिक डाउनलोड्स एक हफ्ते में रिकॉर्ड किए गए। इसी महीने नेपाल में भी लगभग 50,000 डाउनलोड्स एक दिन में हुए। यूगांडा में 2026 इलेक्शन से पहले विपक्षी लीडर बॉबी वाइन ने लोगों से इसे डाउनलोड करने की अपील की, क्योंकि सरकार अक्सर इंटरनेट काट देती है। ईरान जैसे देशों में भी इंटरनेट शटडाउन के दौरान इसका उपयोग बढ़ा। यह ऐप ब्रिजफाई, फायरचैट और ब्रायर जैसे पुराने ऐप्स से प्रेरित है, जो हांगकांग प्रोटेस्ट्स में लोकप्रिय हुए थे, लेकिन Bitchat ओपन-सोर्स, क्रॉस-प्लेटफॉर्म और बेहतर प्राइवेसी फीचर्स के साथ आगे है।
