नई दिल्ली। बसंत पंचमी का त्योहार बसंत ऋतु की शुरुआत का प्रतीक है। इस दिन मां सरस्वती की पूजा की जाती है और पीला रंग विशेष महत्व रखता है। शास्त्रों के अनुसार, पीला रंग ज्ञान, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। इस अवसर पर खेतों में सरसों के पीले फूल लहराते हैं, जो प्रकृति की सुंदरता को दर्शाते हैं। घर या गार्डन को पीले फूलों से सजाने के लिए बसंत पंचमी सबसे शुभ समय माना जाता है। इस दिन 5 तरह के आसानी से उगने वाले पीले फूलों के बीज बोकर आप अपने घर-आंगन को खुशनुमा और आकर्षक बना सकते हैं। ये फूल न केवल सजावट बढ़ाते हैं, बल्कि पूजा में भी चढ़ाए जा सकते हैं और वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा भरते हैं।
यहां हम 5 ऐसे फूलों के बारे में बता रहे हैं, जिनके बीज आप बसंत पंचमी पर बो सकते हैं। ये बीज आसानी से उपलब्ध होते हैं और अच्छी देखभाल से 2.5 से 3 महीने में खिलने लगते हैं।
- सरसों (Mustard Flowers): बसंत पंचमी का सबसे प्रतीकात्मक फूल। सरसों के पीले फूल खेतों को सोने की तरह चमका देते हैं। घर के छोटे गमले या गार्डन में सरसों के बीज बो सकते हैं। ये ठंडे मौसम में अच्छे उगते हैं। बीज बोने के 45-60 दिनों में फूल आ जाते हैं। सरसों के फूल पूजा में चढ़ाने के लिए आदर्श हैं और इनकी खुशबू वातावरण को ताजगी देती है। बीज बोने के लिए अच्छी मिट्टी और धूप वाली जगह चुनें।
2.गेंदा (Marigold): गेंदा के पीले फूल बसंत पंचमी पर पूजा और सजावट में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होते हैं। ये फूल आसानी से उगते हैं और साल भर खिल सकते हैं। बसंत पंचमी पर गेंदा के बीज बोने से 45-60 दिनों में फूल आने लगते हैं। गेंदे के पौधे कीटों से बचाव करते हैं और गार्डन में प्राकृतिक कीटनाशक का काम करते हैं। पीले गेंदे मां सरस्वती को प्रिय हैं और इन्हें माला बनाकर चढ़ाया जा सकता है।
3.सूरजमुखी (Sunflower): सूरजमुखी के बड़े-बड़े पीले फूल गार्डन को रॉयल लुक देते हैं। ये फूल सूर्य की ओर मुंह करके खिलते हैं, जो सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। बसंत पंचमी पर सूरजमुखी के बीज बोने से 60-75 दिनों में फूल आ जाते हैं। ये पौधे लंबे होते हैं, इसलिए इन्हें गार्डन के पीछे या बालकनी में लगाएं। सूरजमुखी के बीज पक्षियों के लिए भी फायदेमंद होते हैं।
4. कैलेंडुला (Calendula): कैलेंडुला के चमकीले पीले फूल औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं। ये फूल त्वचा की देखभाल में इस्तेमाल होते हैं और गार्डन में सुंदरता बढ़ाते हैं। बसंत पंचमी पर कैलेंडुला के बीज बोने से 45-60 दिनों में फूल खिलने लगते हैं। ये पौधे ठंड सहन कर लेते हैं और अच्छी मिट्टी में तेजी से बढ़ते हैं। कैलेंडुला के फूल पूजा में भी चढ़ाए जा सकते हैं।
5. शेवंती या क्रिसेंटेमम (Chrysanthemum Yellow): पीले शेवंती के फूल बसंत पंचमी पर गार्डन को रंगीन बनाते हैं। ये फूल सर्दियों में अच्छे खिलते हैं और लंबे समय तक टिकते हैं। बीज बोने के 60-90 दिनों में फूल आ जाते हैं। शेवंती के पौधे गमलों में आसानी से उगाए जा सकते हैं और टेरेस गार्डन के लिए बेस्ट हैं। ये फूल मां सरस्वती की पूजा में भी शुभ माने जाते हैं।
बसंत पंचमी पर पीले फूल बोने से न केवल गार्डन सुंदर बनेगा, बल्कि घर में सकारात्मक ऊर्जा और शुभता भी आएगी। ये फूल पूजा में चढ़ाकर मां सरस्वती का आशीर्वाद प्राप्त करें। बसंत की खुशबू और पीले रंग से जीवन खिल उठेगा।
