मुंबई। 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय सिनेमा एक ऐतिहासिक पल दर्ज करने जा रहा है। पहली बार 77 वर्षों के इतिहास में रिपब्लिक डे परेड में इंडियन सिनेमा की एक विशेष झांकी (टेब्लो) निकलेगी। इस गौरवपूर्ण जिम्मेदारी को संभालने वाले हैं बॉलीवुड के दिग्गज निर्माता-निर्देशक संजय लीला भंसाली। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने भंसाली के साथ मिलकर इस झांकी को तैयार किया है, जो कार्तव्य पथ पर प्रदर्शित की जाएगी।
यह बता दें कि, गणतंत्र दिवस परेड हमेशा से भारत की सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विविधता और विकास यात्रा का प्रतीक रही है। विभिन्न राज्यों, मंत्रालयों और संगठनों की झांकियां इस परेड का मुख्य आकर्षण होती हैं। अब तक परेड में सिनेमा जगत को कभी इस तरह प्रतिनिधित्व नहीं मिला था। 1950 में गणतंत्र दिवस परेड शुरू होने के बाद पहली बार एक फिल्म निर्देशक को इतना बड़ा राष्ट्रीय मंच मिल रहा है। संजय लीला भंसाली को चुना जाना कोई संयोग नहीं है। वे भारतीय सिनेमा के उन चुनिंदा कलाकारों में से हैं जिन्होंने अपनी फिल्मों के माध्यम से भारतीय संस्कृति, इतिहास और भावनाओं को विश्व पटल पर स्थापित किया है।
जानकारी देते चले कि, संजय लीला भंसाली ने ‘हम दिल दे चुके सनम’ से अपनी पहचान बनाई, लेकिन ‘देवदास’, ‘ब्लैक’, ‘बाजीराव मस्तानी’, ‘पद्मावत’, ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ और हालिया ‘हीरामंडी’ जैसी फिल्मों से वे भारतीय सिनेमा के एक प्रमुख स्तंभ बन गए। इन फिल्मों में उन्होंने ऐतिहासिक और सामाजिक विषयों को भव्यता के साथ पेश किया, जिसकी तारीफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुई। उन्हें अब तक 7 राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं, जो उनके निर्देशन, संगीत, पटकथा और संपादन की बहुमुखी प्रतिभा का प्रमाण है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह झांकी भारतीय सिनेमा की समृद्ध विरासत को दर्शाएगी। भंसाली की विशेष शैली – भव्य सेट डिजाइन, रंग-बिरंगे परिधान, नृत्य और संगीत के तत्व – इसमें शामिल होंगे। यह झांकी सिनेमा को एक सांस्कृतिक राजदूत के रूप में पेश करेगी, जो भारत की कहानियों को दुनिया भर में पहुंचाता है। सूत्रों ने बताया कि “पहली बार एक सच्चे ध्वजवाहक को यह सम्मान मिल रहा है। संजय लीला भंसाली से बेहतर कोई प्रतिनिधि नहीं हो सकता।” यह पहल भारतीय सिनेमा को राष्ट्रीय गौरव से जोड़ती है, जहां फिल्में सामाजिक एकता, विविधता और भावनात्मक गहराई का माध्यम बनी हैं।
