ढाका। बांग्लादेश में 13वीं संसदीय चुनाव के लिए मतदान जारी है। यह देश का पहला बड़ा चुनाव है, जो 2024 में छात्र आंदोलन से शेख हसीना की सरकार के हटने के बाद हो रहा है। 12 फरवरी 2026 को सुबह 7:30 बजे से शुरू हुए मतदान में करीब 12.77 करोड़ मतदाता 299 सीटों पर अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं। एक सीट (शेरपुर-3) पर उम्मीदवार की मौत के कारण मतदान रद्द कर दिया गया है। मुख्य मुकाबला बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले गठबंधनों के बीच माना जा रहा है, क्योंकि अवामी लीग को चुनाव लड़ने से रोका गया है।
इस संबंध में हम आपको बता दें कि, मतदान की शुरुआत और उत्साह मतदान सुबह 7:30 बजे शुरू हुआ और शाम 4:30 बजे तक चलेगा। कई मतदान केंद्रों पर मतदाता सुबह 6 बजे से ही लाइन में लग गए थे। ढाका, चटगांव और अन्य बड़े शहरों में लंबी कतारें देखी गईं। चुनाव आयोग के अनुसार, शुरुआती घंटों में महिलाओं और युवाओं की भागीदारी खास तौर पर अच्छी रही। मुख्य चुनाव आयुक्त एएमएम नासिर उद्दीन ने कहा कि युवा और महिला मतदाताओं में नई ऊर्जा दिख रही है, जो चुनाव आयोग में विश्वास की बहाली दर्शाती है। कुल 42,779 मतदान केंद्रों पर मतदान हो रहा है। ‘फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट’ प्रणाली के तहत वोट डाले जा रहे हैं। लगभग 50 राजनीतिक दल मैदान में हैं, लेकिन मुख्य लड़ाई बीएनपी और जमात के गठबंधनों के बीच है। बीएनपी ने 291 उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि जमात 11 दलों के गठबंधन का नेतृत्व कर रहा है, जिसमें 2024 के छात्र आंदोलन से निकली नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) भी शामिल है।
वही यह भी आपको बताते चले कि, चुनाव आयोग ने इतिहास में सबसे ज्यादा सुरक्षा बल तैनात किए हैं। हालांकि, ढाका के मिर्जापुर में बीएनपी और जमात समर्थकों के बीच झड़प की खबरें आईं। अंतरिम सरकार ने निष्पक्ष चुनाव का वादा किया है। यूनुस ने कहा कि वे चुनाव के बाद सिविल सोसाइटी में लौटेंगे। यह चुनाव बांग्लादेश के लिए ऐतिहासिक है। 2008 के बाद पहली बार इतनी प्रतिस्पर्धी और स्वतंत्र चुनाव की उम्मीद है। युवा, महिलाएं और पहली बार वोट देने वाले इसे बदलाव का मौका मान रहे हैं। क्या बीएनपी सत्ता में आएगी या जमात सरप्राइज देगी? परिणाम तय करेंगे। फिलहाल, मतदान उत्साहपूर्ण जारी है।
