गुवाहाटी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज असम में एक दिवसीय दौरे के दौरान पूर्वोत्तर भारत के विकास को नई गति प्रदान की। यह दौरा रक्षा क्षमता, परिवहन कनेक्टिविटी, उच्च शिक्षा, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कई ऐतिहासिक परियोजनाओं के उद्घाटन और शुभारंभ से सुसज्जित रहा। सबसे रोचक और ऐतिहासिक क्षण तब रहा जब प्रधानमंत्री का विमान पहली बार पूर्वोत्तर भारत की अपनी तरह की पहली इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) पर उतरा।
जानकारी दे दें कि, सुबह लगभग 10:30 बजे प्रधानमंत्री मोदी दिल्ली से रवाना होकर पहले चाबुआ एयरफील्ड पहुंचे, जहां से उन्होंने भारतीय वायुसेना के C-130J ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट में सवार होकर डिब्रूगढ़ जिले के मोरान बाईपास पर बनी इस 4.2 किलोमीटर लंबी इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी पर सफलतापूर्वक लैंडिंग की। यह सुविधा करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की गई है और राष्ट्रीय राजमार्ग-127 पर स्थित है। यह पूर्वोत्तर क्षेत्र में पहली ऐसी ड्यूल-यूज पट्टी है, जो मिलिट्री और सिविल दोनों विमानों के लिए आपातकालीन लैंडिंग तथा टेक-ऑफ की सुविधा प्रदान करती है। फाइटर जेट्स (40 टन तक) और ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट (74 टन तक अधिकतम टेक-ऑफ वजन) यहां सुरक्षित संचालन कर सकते हैं।
बताते चले कि, लैंडिंग के बाद प्रधानमंत्री ने भारतीय वायुसेना के फाइटर जेट्स, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टर्स का लगभग 40 मिनट तक चले शानदार हवाई प्रदर्शन (एरियल डिस्प्ले) का अवलोकन किया। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने इस ऐतिहासिक क्षण में उनका स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर इस सुविधा को “पूर्वोत्तर में अपनी तरह की पहली और रणनीतिक महत्व की संपत्ति” बताया, जो प्राकृतिक आपदाओं में त्वरित राहत कार्यों और सामरिक आवश्यकताओं के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।
