नई दिल्ली। सोना और चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। हाल ही में इन कीमती धातुओं में जोरदार क्रैश देखा गया था, जिसके बाद अब रिकवरी का सिलसिला शुरू हो गया है। विशेष रूप से चांदी में तेज उछाल आया है, लेकिन यह अभी भी अपने ऑल-टाइम हाई से काफी नीचे बनी हुई है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक और घरेलू कारकों के मिश्रित प्रभाव से ये कीमतें प्रभावित हो रही हैं।
इस कड़ी में जानकारी दे दें कि, 20 फरवरी 2026 को एमसीएक्स (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) पर गोल्ड और सिल्वर फ्यूचर्स में मिश्रित लेकिन सकारात्मक रुझान दिखाई दे रहा है। एमसीएक्स पर अप्रैल 2026 डिलीवरी वाले गोल्ड फ्यूचर्स की कीमत लगभग 1,55,000 से 1,55,700 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच चल रही है। कुछ रिपोर्ट्स में यह 1,55,251 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रही है, जिसमें मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसी तरह, मार्च 2026 एक्सपायरी वाली चांदी (सिल्वर) की कीमत 2,41,000 से 2,44,000 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास है, जिसमें हाल के दिनों में 1-3 प्रतिशत तक की तेजी देखी गई है।
वही, सोने की बात करें तो यह भी क्रैश के बाद रिकवर हो रहा है। एमसीएक्स पर गोल्ड फ्यूचर्स ने 1.53 लाख के निचले स्तर से ऊपर आकर 1.55 लाख से 1.56 लाख के बीच स्थिरता दिखाई है। हाल के दिनों में सोने में 0.2 से 1.2 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वैश्विक स्तर पर कॉमेक्स (Comex) पर गोल्ड स्पॉट प्राइस 5,000 डॉलर प्रति औंस के आसपास है, जो सुरक्षित निवेश की मांग को दर्शाता है। हालांकि, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति से जुड़ी अनिश्चितताओं के कारण अभी भी दबाव बना हुआ है।
चलते चलते बता दें कि, निवेशकों के लिए सलाह है कि वे शॉर्ट टर्म में सतर्क रहें, क्योंकि वोलेटिलिटी ज्यादा है। फेड की मिनट्स, अमेरिकी आर्थिक डेटा और वैश्विक घटनाएं कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं। लॉन्ग टर्म में सोना-चांदी अभी भी आकर्षक निवेश विकल्प बने हुए हैं, खासकर पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन के लिए। कुल मिलाकर, क्रैश के बाद रिकवरी का यह दौर निवेशकों के लिए खरीदारी का मौका दे सकता है, लेकिन बाजार की हरकतों पर नजर रखना जरूरी है। आने वाले दिनों में अगर वैश्विक संकेत मजबूत रहते हैं तो कीमतें और ऊपर जा सकती हैं।
