नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को परमाणु कार्यक्रम पर सख्त समझौते के लिए 10-15 दिनों की समयसीमा दी है, अन्यथा “बहुत बुरे परिणाम” भुगतने की चेतावनी दी है। अमेरिकी सेना मध्य पूर्व में बड़े पैमाने पर सैन्य तैनाती कर रही है, जिसमें दो एयरक्राफ्ट कैरियर ग्रुप (USS Abraham Lincoln और USS Gerald R. Ford) शामिल हैं। कई रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ईरान पर सैन्य हमला करने की तैयारी में है, जो इस सप्ताहांत या अगले कुछ दिनों में हो सकता है, हालांकि ट्रंप ने अंतिम फैसला अभी नहीं लिया है।
यहां यह जानना अति आवश्यक हैं कि, शिंगटन ने ईरान से “जीरो यूरेनियम एनरिचमेंट” की मांग की है, यानी ईरान को परमाणु हथियार बनाने की क्षमता पूरी तरह छोड़नी होगी। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि तेहरान जल्द ही एक प्रस्ताव पेश करेगा, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान कोई बड़ा समझौता नहीं करेगा। जेनेवा में 17 फरवरी को हुई बातचीत के बाद गुरुवार (26 फरवरी) को फिर से वार्ता होने वाली है। ओमान के विदेश मंत्री ने इसकी पुष्टि की है।
जानकारी दे दें कि, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई ने अमेरिका को “क्षेत्रीय युद्ध” की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के तेल और गैस संसाधनों पर कब्जा करना चाहता है। ईरान ने अमेरिकी बेस पर हमले की धमकी दी है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में मिलिट्री ड्रिल की है। ईरान के अधिकारी इसे “मनोवैज्ञानिक युद्ध” बता रहे हैं, लेकिन सैन्य तैयारी तेज कर दी है।
इस बीच, भारत सरकार ने ईरान में रहने वाले अपने नागरिकों के लिए बड़ी चेतावनी जारी की है। भारतीय दूतावास तेहरान ने 23 फरवरी को फ्रेश एडवाइजरी जारी कर सभी भारतीय नागरिकों (छात्र, तीर्थयात्री, व्यापारी, पर्यटक) से “उपलब्ध सभी माध्यमों से” देश छोड़ने की अपील की है, जिसमें कमर्शियल फ्लाइट्स शामिल हैं। यह एडवाइजरी जनवरी 2026 में जारी की गई पुरानी सलाह का दोहराव है, जब खामेनेई सरकार ने विरोध प्रदर्शनों पर कड़ी कार्रवाई की थी।दूतावास ने कहा, “ईरान में विकसित हो रही स्थिति को देखते हुए” सभी भारतीय नागरिक तुरंत निकलें। प्रदर्शन या डेमो क्षेत्रों से दूर रहें, स्थानीय मीडिया पर नजर रखें और दूतावास से संपर्क में रहें। यात्रा और पासपोर्ट दस्तावेज तैयार रखें।
