नई दिल्ली। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN) के तहत देश के करोड़ों छोटे और सीमांत किसानों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता मिलती है, जो तीन समान किस्तों में 2,000-2,000 रुपये के रूप में सीधे उनके बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए भेजी जाती है। अब तक योजना की 21 किस्तें जारी हो चुकी हैं, और किसान अब 22वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। फरवरी महीने के 22 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 नवंबर 2025 को कोयंबटूर, तमिलनाडु में 21वीं किस्त जारी की थी, जिसमें लाखों किसानों के खातों में 2,000 रुपये ट्रांसफर हुए थे। योजना की किस्तें आमतौर पर 4 महीने के अंतराल पर जारी होती हैं—दिसंबर-मार्च, अप्रैल-जुलाई और अगस्त-नवंबर के चक्र में। 21वीं किस्त नवंबर 2025 में आने के बाद अगली किस्त दिसंबर 2025-मार्च 2026 के चक्र में आनी है। पिछले पैटर्न और मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर विशेषज्ञों का अनुमान है कि 22वीं किस्त फरवरी 2026 के अंतिम सप्ताह या मार्च 2026 की शुरुआत में जारी हो सकती है।
किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक स्रोतों से जानकारी लें। कई सोशल मीडिया पोस्ट्स और यूट्यूब वीडियो में फरवरी की शुरुआत या स्पेसिफिक डेट्स जैसे 17 फरवरी या 21 फरवरी का दावा किया गया है, लेकिन ये अनौपचारिक हैं और गलत साबित हो चुके हैं। पिछले वर्षों में भी 19वीं किस्त 24 फरवरी 2025 को जारी हुई थी, जिससे इस बार भी फरवरी अंत या मार्च शुरुआत का अनुमान मजबूत होता है।
22वीं किस्त पाने के लिए जरूरी शर्तें और अपडेट:
- eKYC अनिवार्य: सभी लाभार्थियों के लिए eKYC पूरा करना जरूरी है। अगर eKYC नहीं हुआ तो किस्त रुक सकती है। OTP-बेस्ड eKYC pmkisan.gov.in पर या CSC सेंटर पर कर सकते हैं।
- आधार-बैंक लिंक: आधार कार्ड बैंक खाते से लिंक्ड होना चाहिए।
- लैंड रिकॉर्ड और पात्रता: छोटे/सीमांत किसान (2 हेक्टेयर तक भूमि) ही पात्र हैं। सरकारी कर्मचारी, पेंशनभोगी आदि को छूट है।
- फार्मर आईडी: कुछ राज्यों में फार्मर आईडी की जरूरत पड़ सकती है, लेकिन बिहार जैसे राज्यों में बिना फार्मर आईडी के भी किस्त मिल सकती है अगर अन्य शर्तें पूरी हों।
- स्टेटस चेक कैसे करें: आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर ‘Farmer Corner’ में ‘Beneficiary Status’ चुनें। रजिस्ट्रेशन नंबर, आधार नंबर या मोबाइल नंबर से चेक करें। ‘Know Your Status’ सेक्शन में डिटेल्स डालकर देखें कि नाम लाभार्थी सूची में है या नहीं। अगर रिजेक्ट हुआ तो कारण जैसे गलत जानकारी, डुप्लिकेट एंट्री आदि दिखेंगे।
गौरतलब हैं कि, योजना की शुरुआत 2019 में हुई थी और अब तक 9 करोड़ से अधिक किसान लाभान्वित हो चुके हैं। हर किस्त में औसतन 9-10 करोड़ किसानों को फायदा मिलता है। यह योजना किसानों की फसल खर्च, घरेलू जरूरतों और आर्थिक मजबूती के लिए महत्वपूर्ण है। अगर आपका नाम सूची में है और eKYC पूरा है, तो जल्द ही 2,000 रुपये आपके खाते में आ सकते हैं।किसान भाइयों से अपील है कि वे नियमित रूप से आधिकारिक पोर्टल चेक करें, eKYC अपडेट रखें और किसी भी फेक मैसेज या कॉल से सावधान रहें। अधिक जानकारी के लिए PM Kisan हेल्पलाइन 155261 या 011-24300606 पर संपर्क करें। उम्मीद है कि 22वीं किस्त जल्द जारी होकर किसानों को राहत देगी।
