नई दिल्ली। आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 राउंड में भारतीय क्रिकेट टीम आज जिम्बाब्वे के खिलाफ बेहद अहम मुकाबला खेलने उतरेगी। यह मैच चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में शाम 7 बजे से शुरू होगा। टीम इंडिया के लिए इस मैच से पहले सबसे बड़ी चुनौती ऑफ स्पिनर्स से निपटने की है, क्योंकि इस टूर्नामेंट में बल्लेबाजी की कमजोरी स्पष्ट रूप से सामने आ चुकी है।
इस टी20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम ने अब तक स्पिन के खिलाफ 19 विकेट गंवाए हैं, जिनमें से 12 विकेट ऑफ स्पिनरों ने लिए हैं। विरोधी टीमों ने इस कमजोरी को भांप लिया है और नई गेंद से ही स्पिन अटैक शुरू करने की रणनीति अपना रही हैं। पावरप्ले में ही 4 विकेट गिर चुके हैं, जिसमें अभिषेक शर्मा और ईशान किशन दोनों दो-दो बार ऑफ स्पिन का शिकार बने हैं। नामीबिया के गेरहार्ड इरास्मस, पाकिस्तान के सलमान आगा और सैम अयूब, नीदरलैंड्स के आर्यन दत्त तथा साउथ अफ्रीका के एडेन मार्करम ने पावरप्ले में ऑफ स्पिन से भारतीय टॉप ऑर्डर को झटके दिए हैं।
टॉप ऑर्डर के जल्दी आउट होने से मिडिल ओवर्स में सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा को रन बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ा है। दोनों बल्लेबाजों ने मैच से पहले स्पिन के खिलाफ लंबा नेट सेशन किया, जहां स्कोरिंग ऑप्शन पर फोकस रहा। टीम में टॉप-3 पूरी तरह लेफ्ट-हैंड बल्लेबाजों का होने से विरोधियों को ऑफ स्पिन का सीधा मैच-अप मिल जाता है। बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने माना कि विरोधी टीमें ऑफ स्पिन और ऑफ-स्टंप के बाहर गेंदबाजी की योजना बना रही हैं, और टीम इस पर तैयारी कर रही है।
चेन्नई की पिच इस वर्ल्ड कप में स्पिनरों को उतनी मदद नहीं दे रही है, लेकिन जिम्बाब्वे के ऑलराउंडर रयान बर्ल ने कहा कि भारत की स्पिन के खिलाफ कमजोरी और परिस्थितियों पर टीम की नजर है। इस मुकाबले में नेट रन रेट भी अहम है, क्योंकि दोनों टीमों का सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहना दांव पर है। अब देखना होगा कि कप्तान सूर्यकुमार यादव और कोच गौतम गंभीर ऑफ स्पिन की इस कमजोरी को कैसे तोड़ पाते हैं।
