कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बाद अंतिम मतदाता सूची 28 फरवरी को प्रकाशित की जाएगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने बताया कि इस सूची में दो नए फीचर जोड़े गए हैं। नामों को तीन श्रेणियों में विभाजित किया जाएगा, जिसमें असली मतदाताओं के अलावा ‘न्यायिक निर्णय के अधीन’ (under adjudication) और ‘डिलीटेड’ (deleted) श्रेणियां शामिल होंगी।
‘न्यायिक निर्णय के अधीन’ श्रेणी में उन मतदाताओं के नाम आएंगे जिनके पहचान पत्रों की जांच अभी न्यायिक अधिकारियों द्वारा चल रही है, जो सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर नियुक्त किए गए हैं। वहीं ‘डिलीटेड’ श्रेणी में SIR प्रक्रिया के दौरान हटाए गए नाम शामिल होंगे। मसौदा सूची में शामिल सभी 7.08 करोड़ नाम अंतिम सूची में बरकरार रहेंगे, लेकिन इन्हें इन तीन श्रेणियों में बांटा जाएगा।
तीन श्रेणियों में विभाजित होंगे नाम
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, इस बार प्रकाशित होने वाली अंतिम सूची में मतदाताओं के नाम तीन अलग-अलग श्रेणियों में प्रदर्शित किए जाएंगे। पहली श्रेणी में वे मतदाता होंगे जिनके नाम विधिवत सत्यापन के बाद वैध पाए गए हैं। दूसरी श्रेणी ‘Under Adjudication’ यानी ‘न्यायिक निर्णय के अधीन’ होगी, जबकि तीसरी श्रेणी ‘Deleted’ यानी ‘हटाए गए’ नामों की होगी।
यह व्यवस्था इसलिए लागू की गई है ताकि मतदाताओं की स्थिति स्पष्ट रूप से सामने आ सके और किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो। पहले आमतौर पर केवल स्वीकृत नामों की सूची प्रकाशित होती थी, लेकिन अब विवादित या जांचाधीन मामलों को भी
28 फरवरी को प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची न केवल प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता को भी सुदृढ़ करेगी। तीन श्रेणियों—वैध मतदाता, ‘Under Adjudication’ और ‘Deleted’—के माध्यम से मतदाताओं की स्थिति स्पष्ट रूप से सामने आएगी।चुनाव आयोग की यह पहल मतदाता सूची को अधिक विश्वसनीय और अद्यतन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। नागरिकों से अपेक्षा की गई है कि वे अपनी जानकारी की जांच कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
