मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव और क्षेत्रीय अस्थिरता का असर अब फुटबॉल पर दिखाई देने लगा है। सुरक्षा चिंताओं, यात्रा प्रतिबंधों और हवाई क्षेत्र में पाबंदियों के कारण एशियाई फुटबॉल महासंघ (एएफसी) ने कई क्लब प्रतियोगिताओं के कार्यक्रम में बदलाव किया है। एएफसी चैंपियंस लीग एलीट के वेस्ट रीजन के नॉकआउट मुकाबलों के साथ ही एएफसी चैंपियंस लीग टू और एएफसी चैलेंज लीग के कुछ मैचों को स्थगित कर दिया गया है। खिलाड़ी यात्रा में फंस गए हैं और टीमों की सुरक्षा तथा आयोजन की व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं।
इस संकट से सऊदी अरब, कतर, यूएई और ईरान जैसे देशों के क्लब और घरेलू लीग प्रभावित हुए हैं। सऊदी क्लब अल-नास्र (जिसमें क्रिस्टियानो रोनाल्डो हैं) सहित कई हाई-प्रोफाइल मुकाबलों की स्थिति अनिश्चित हो गई है। कतर में घरेलू फुटबॉल प्रतियोगिताओं के कुछ मैच टल गए हैं, जबकि ईरान की फुटबॉल लीग के शेड्यूल पर भी असर पड़ा है। स्पेन बनाम अर्जेंटीना की ‘फाइनलिसिमा’ मैच, जो 27 मार्च को दोहा के लुसैल स्टेडियम में निर्धारित है, भी अनिश्चितता के घेरे में है।
मिडिल ईस्ट एशियाई फुटबॉल का उभरता आर्थिक केंद्र माना जाता है, जहां सऊदी अरब, कतर और यूएई से बड़े निवेश हो रहे हैं। हालांकि फिलहाल कोई पूर्ण बंद नहीं हुआ है, लेकिन घरेलू लीग सतर्कता के साथ चल रही हैं और कुछ मैच सीमित दर्शकों के साथ या स्थगित हो रहे हैं। यदि तनाव जारी रहा तो भविष्य की प्रतियोगिताओं पर और असर पड़ सकता है।
