शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। यह उनका चौथा बजट है, जिसका आकार 54,928 करोड़ रुपये रखा गया है, जो पिछले वर्ष के 58,514 करोड़ रुपये से 3,586 करोड़ रुपये कम है। राज्य पर एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का ऋण है और हर माह 2,800 करोड़ रुपये की जरूरत है। राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद होने से चुनौतियां बढ़ी हैं, लेकिन सरकार सभी 10 गारंटियों को 100 प्रतिशत पूरा करने की प्रतिबद्धता जताई है।
बजट में महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण घोषणा की गई है। महिलाओं को चरणबद्ध तरीके से प्रतिमाह 1,500 रुपये देने की योजना शुरू की गई है, जिसमें घरेलू कामगार महिलाएं और बेटियां भी शामिल हैं। एक लाख परिवारों को 300 यूनिट बिजली मुफ्त देने का एलान किया गया है। युवाओं के स्वरोजगार के लिए राजीव गांधी स्टार्टअप योजना के तहत 650 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
किसानों और मत्स्य पालन क्षेत्र के लिए कई राहतें घोषित की गईं। मछली के लिए एमएसपी 100 रुपये प्रति किलो रखा गया है, यदि नीलामी 100 रुपये से कम हो तो 20 रुपये तक का अनुदान डीबीटी से मिलेगा। रॉयल्टी दर 7 प्रतिशत से घटाकर 1 प्रतिशत की गई है। 100 नई ट्राउट इकाइयां स्थापित होंगी। गेहूं का समर्थन मूल्य 60 से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलो, मक्की 40 से 50 रुपये, हल्दी 90 से 150 रुपये और अदरक को पहली बार 30 रुपये प्रति किलो किया गया है। गाय के दूध का मूल्य 51 से 61 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध का 61 से 71 रुपये प्रति लीटर किया गया है। गद्दी समुदाय के लिए 300 करोड़ रुपये की योजना और चरवाहों को डिजिटल कार्ड दिए जाएंगे।
शिक्षा क्षेत्र में सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से इंग्लिश मीडियम शुरू किया जाएगा। 300 अधूरे कार्यों (70 प्रतिशत पूरे) के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान है। हमीरपुर में 25 करोड़ रुपये की लागत से एक्वा पार्क बनेगा। पर्यटन क्षेत्र में डिजिटल इंटेलिजेंस सिस्टम विकसित होगा और पिछले वर्ष 1.1 करोड़ पर्यटक आए। सरकार ने सात क्षेत्रों—शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पर्यटन, ऊर्जा, खाद्य प्रसंस्करण और डाटा स्टोरेज—पर फोकस किया है। विपक्ष के हंगामे के बीच बजट पेश किया गया और सदन की कार्यवाही स्थगित हुई।
