भोपाल। मध्य प्रदेश कैबिनेट की बैठक में राज्य सरकार ने सातवें वेतनमान के तहत आने वाले कर्मचारियों के डीए में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद उनका महंगाई भत्ता बढ़कर 58 प्रतिशत हो जाएगा। यह बढ़ोतरी 1 जुलाई 2025 से लागू मानी जाएगी और कर्मचारियों को एरियर का भी भुगतान किया जाएगा।
कैबिनेट ने पेंशनरों के महंगाई राहत (डीआर) में भी 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी को स्वीकृति प्रदान की है, जिससे उनकी आय में सुधार होगा। इसके अलावा, कैबिनेट ने दिव्यांग बच्चों के लिए संचालित संस्थानों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों के मानदेय में भी उल्लेखनीय वृद्धि की है। अब तक 9 हजार रुपये प्रतिमाह पाने वाले इन शिक्षकों का मानदेय बढ़ाकर 18 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया जाएगा। इस निर्णय से शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत हजारों शिक्षकों को सीधा लाभ मिलेगा और उनके कार्य के प्रति प्रोत्साहन बढ़ेगा।
कर्मचारियों को मिलेगा सीधा आर्थिक लाभ
महंगाई भत्ते में यह 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी सीधे तौर पर कर्मचारियों की मासिक आय में इजाफा करेगी। वर्तमान समय में महंगाई के लगातार बढ़ते दबाव के बीच यह वृद्धि कर्मचारियों के लिए राहत की खबर लेकर आई है। बढ़ा हुआ डीए वेतन में जुड़ने के कारण कर्मचारियों की क्रय शक्ति (purchasing power) में भी सुधार होगा, जिससे वे दैनिक जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा कर सकेंगे।
राज्य के लाखों कर्मचारियों को फायदा
इस फैसले से मध्य प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत लाखों कर्मचारी लाभान्वित होंगे। इसमें प्रशासनिक, शिक्षकीय, स्वास्थ्य, पुलिस और अन्य विभागों के कर्मचारी शामिल हैं। इसके अलावा, यह संभावना भी जताई जा रही है कि पेंशनभोगियों (pensioners) को भी इस निर्णय का लाभ मिल सकता है, हालांकि इस पर अंतिम निर्णय अलग से घोषित किया जा सकता है।
सरकारी कर्मचारियों के लिए यह निर्णय विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि महंगाई के इस दौर में उनकी आय और खर्चों के बीच संतुलन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो गया है। डीए में बढ़ोतरी से यह संतुलन कुछ हद तक बेहतर हो सकेगा।
कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश सरकार द्वारा महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी का फैसला राज्य के कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत के रूप में सामने आया है। 58 प्रतिशत डीए और एरियर के भुगतान से कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है।
