मुर्शिदाबाद: बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए अखिल भारतीय मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) और अखिल भारतीय जनता उपकार पार्टी (एजेयूपी) के गठबंधन की पहली चुनावी रैली मुर्शिदाबाद जिले के नौदा में हुई। लगभग 70 प्रतिशत मुस्लिम आबादी वाले इस जिले में धान के खेत को साफ कर सभा स्थल बनाया गया था। रैली में भारी जनसैलाब उमड़ा।
एजेयूपी नेता हुमायूं कबीर ने रैली में हुंकार भरी। उन्होंने बताया कि असदुद्दीन ओवैसी बेलडांगा की सुरुल मस्जिद में नमाज अदा करने के लिए रुके हुए हैं। कबीर के इस बयान पर भीड़ ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। दोपहर करीब एक बजे ओवैसी रैली स्थल पर पहुंचे। उन्होंने टीएमसी और भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, “मुसलमान अब मेन स्ट्रीम की राजनीतिक पार्टियों के लिए सिर्फ वोट मशीन नहीं रहे।” इस बयान पर समर्थकों ने जोरदार तालियां बजाईं।
रैली स्थल पहुंचने वाले संकरे ग्रामीण रास्तों पर एजेयूपी झंडों से सजी बसें खड़ी दिखीं। समर्थक जिले के सुदूर इलाकों से पहुंचे थे। कई पूर्व टीएमसी और कांग्रेस कार्यकर्ता भी मौजूद थे। हरिहरपाड़ा के मिखाइल शेख ने कहा कि अब उन्हें ऐसे नेता चाहिए जो उनके हक के लिए बोलें। नौदा के मिथुन मंडल ने कहा कि उन्हें लंबे समय से सिर्फ वोट बैंक समझा गया है।यह गठबंधन मुर्शिदाबाद में मुस्लिम वोट बैंक पर एकाधिकार को चुनौती दे रहा है। रैली ने स्थानीय राजनीतिक माहौल में बदलाव का संकेत दिया। गठबंधन ने 182 सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना बनाई है।
