इस्लामाबाद। इस्लामाबाद अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली महत्वपूर्ण शांति वार्ता से पहले सुरक्षा के लिहाज से किले में तब्दील हो गया है। दो हफ्ते के सीजफायर के बाद शुरू हो रही इस वार्ता में प्रतिबंधों में राहत, क्षेत्रीय सुरक्षा तथा ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। वार्ता शनिवार से शुरू होने वाली है।
गुरुवार को राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत कड़ी कर दी गई। मुख्य सड़कें सील कर दी गईं, ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया और संवेदनशील इलाकों को लॉकडाउन कर दिया गया। एयरपोर्ट रोड और नूर खान एयरबेस की ओर जाने वाली सड़कें कंटेनरों तथा कांटेदार तारों से ब्लॉक कर दी गईं। रेड जोन, जिसमें सरकारी इमारतें, दूतावास और अधिकारी आवास शामिल हैं, पूरी तरह बंद है। पुलिस ने एक्स पर जारी चेतावनी में कहा कि केवल आधिकारिक वाहनों को ही अनुमति दी जाएगी। नागरिकों से अपील की गई है कि वे जरूरी न हो तो घर से बाहर न निकलें। एक्सप्रेस हाईवे पर भी डायवर्जन लगा दिए गए हैं।
पाकिस्तान सरकार ने राजधानी में दो दिन का स्थानीय अवकाश घोषित कर दिया है। रावलपिंडी जिले में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं तथा अस्पतालों और रेस्क्यू टीमों को स्टैंडबाय रखा गया है। पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने अमेरिकी चार्ज डी’अफेयर्स नेटली बेकर से मुलाकात में कहा कि विदेशी मेहमानों की सुरक्षा के लिए हर तरह के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और फुलप्रूफ सुरक्षा प्लान तैयार है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने स्थिति की समीक्षा की तथा सीजफायर बनाए रखने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री शरीफ ने दोनों डेलिगेशनों को आमंत्रित किया और पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया।
