नोएडा में सोमवार को मजदूरों के प्रदर्शन के दौरान हुए बवाल के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। पुलिस ने 300 से अधिक उपद्रवियों को हिरासत में लिया है। इस घटना में कुल 7 एफआईआर दर्ज की गई हैं। पुलिस अब वीडियो और फोटो के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान कर रही है तथा संबंधित व्हाट्सएप ग्रुपों की जांच शुरू कर दी है।
शनिवार को इकोटेक-3 थाना क्षेत्र में मिंडा फैक्ट्री के बाहर वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान एक महिला कामगार गोली लगने से घायल हुई थी। इसके बाद श्रमिकों ने सोमवार को सड़कों पर उतरकर तोड़फोड़ की। फेज-2, फेज-3 और फेज-1 औद्योगिक क्षेत्रों में कई फैक्टरियों, शोरूम और भवनों में पथराव तथा तोड़फोड़ की गई। श्रमिकों ने पुलिस वाहन सहित कई गाड़ियों को क्षतिग्रस्त किया और कुछ वाहनों में आग लगा दी।
इस दौरान एनएच-9 और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे समेत कई मार्गों पर यातायात बाधित रहा। नोएडा क्षेत्र सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक करीब 9 घंटे तक प्रभावित रहा। घटना में 10 पुलिसकर्मियों समेत 30 लोग घायल हुए। नोएडा एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन ने औद्योगिक इकाइयों को मंगलवार को बंद रखने का फैसला किया है।
पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और अतिरिक्त बल तैनात किया। डीएम मेधा रूपम और पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने श्रमिकों से शांति बनाए रखने की अपील की। प्रदर्शन के बाद नोएडा और गाजियाबाद के श्रमिकों की मजदूरी में 21 प्रतिशत वृद्धि का एलान किया गया था।
