पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे और अंतिम चरण में मतदान की प्रक्रिया बुधवार को संपन्न हो गई। इस चरण में करीब 91.41 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जिसने मतदान का रिकॉर्ड तोड़ दिया। मतदान सुबह 7 बजे शुरू होकर शाम 6 बजे तक चला।इस चरण में कोलकाता, नदिया, पूर्वी बर्धमान, हुगली, दक्षिण 24 परगना, उत्तर 24 परगना और हावड़ा सहित छह जिलों की 142 विधानसभा सीटों पर वोटिंग हुई। कुल 3.21 करोड़ से अधिक पंजीकृत मतदाताओं में पुरुष मतदाताओं की संख्या 1,64,35,627, महिला मतदाताओं की 1,57,37,418 और थर्ड जेंडर के 792 मतदाता शामिल थे। पूरे राज्य में 41,001 मतदान केंद्रों पर मतदान कराया गया।
दोपहर 1 बजे तक 61.1 प्रतिशत, दोपहर 3 बजे तक 78.68 प्रतिशत और शाम 5 बजे तक 90 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। पूर्वी बर्धमान जिले में सबसे अधिक मतदान प्रतिशत रहा, जबकि कोलकाता दक्षिण में सबसे कम। पहले चरण में 93.19 प्रतिशत मतदान हुआ था। सभी चरणों की मतगणना 4 मई को होगी।मतदान के दौरान लंबी कतारें देखी गईं। केंद्रीय बलों की 2,407 कंपनियों सहित सुरक्षा व्यवस्था तैनात की गई थी और सभी बूथों पर वेबकास्टिंग की गई।
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, इस चरण में कुल 3.21 करोड़ से अधिक पंजीकृत मतदाताओं ने मतदान के लिए अपनी भागीदारी दर्ज कराई। इनमें 1,64,35,627 पुरुष मतदाता, 1,57,37,418 महिला मतदाता और 792 थर्ड जेंडर के मतदाता शामिल थे। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि समाज के सभी वर्गों ने लोकतंत्र को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभाई।
अंततः, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का यह चरण लोकतंत्र की मजबूती और जनता की भागीदारी का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया है। अब देखना यह होगा कि यह भारी मतदान किस राजनीतिक दल के पक्ष में जाता है और राज्य की सत्ता की बागडोर किसके हाथों में सौंपी जाती है।
