केरल। केरल विधानसभा चुनाव 2026 के एग्जिट पोल में कांग्रेस नेतृत्व वाले यूडीएफ गठबंधन को बहुमत मिलने के संकेत हैं। विभिन्न एजेंसियों के पोल ऑफ पोल्स में यूडीएफ को 77 सीटें और एक्सिस माय इंडिया में 78-90 सीटें मिलने का अनुमान है। लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) को 59 सीटें या 49-62 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है।
केरल में 140 विधानसभा सीटें हैं और बहुमत के लिए 71 सीटों की जरूरत है। 2021 के चुनाव में एलडीएफ ने 99 सीटें जीती थीं और यूडीएफ को 41 सीटें मिली थीं। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के नेतृत्व में एलडीएफ तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रहा है, लेकिन एग्जिट पोल में सत्ता परिवर्तन के संकेत दिख रहे हैं।
केरल लंबे समय से वामपंथ की आखिरी गढ़ माना जाता रहा है। 1957 में भारत में पहली वाम सरकार केरल में बनी थी। पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा में वामपंथ पहले सत्ता में रहा लेकिन अब इन राज्यों में उसकी मौजूदगी बहुत कम हो गई है। अगर केरल में भी एलडीएफ हार गया तो 73 वर्षों में पहली बार देश में कहीं भी वाम सरकार नहीं बचेगी।
देश के अन्य राज्यों में वामपंथ की मौजूदगी सीमित है। बिहार में तीन, झारखंड में दो, असम में एक, तमिलनाडु में चार, महाराष्ट्र में एक, ओडिशा में एक और तेलंगाना में एक विधायक वाम दलों के हैं। एग्जिट पोल के अनुसार अगर परिणाम इन्हीं अनुमानों के अनुरूप रहे तो केरल में भी वामपंथ की सत्ता समाप्त हो सकती है। मतगणना 4 मई 2026 को होगी।
