तेहरान। ईरानी सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अकरमी निया ने बुधवार को कहा कि अमेरिका और इजराइल के साथ जंग के बाद अब पीछे हटने की कोई गुंजाइश नहीं है।उन्होंने कहा कि ईरान की सेना और सुरक्षा बल पूरी तरह तैयार हैं। अमेरिका के साथ युद्धविराम काफी कमजोर होने के बावजूद ईरानी बलों ने दुश्मन को उसके किसी भी मकसद में सफल नहीं होने दिया। युद्ध के दौरान मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मौजूद कई उपकरण तबाह कर दिए गए।
अकरमी निया ने बताया कि होर्मुज के पश्चिमी हिस्से पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नेवी का नियंत्रण है, जबकि पूर्वी हिस्से की जिम्मेदारी ईरान की नियमित नौसेना संभाल रही है।प्रवक्ता ने ईरान की सैन्य क्षमताओं की तारीफ करते हुए दावा किया कि दुश्मन यानी अमेरिका-इजराइल ने ईरान की ताकत का सही अंदाजा नहीं लगाया था।
वैश्विक बाजारों पर असर की आशंका
मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर पड़ता है। होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास किसी भी प्रकार की अस्थिरता से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आ सकता है।
भारत समेत कई देश अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए खाड़ी क्षेत्र पर निर्भर हैं। ऐसे में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो सकती हैं। दुनिया की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या युद्धविराम टिक पाएगा या क्षेत्र एक बार फिर बड़े संघर्ष की ओर बढ़ेगा।
