नई दिल्ली। चुनाव परिणामों के बाद 10 दिनों के सस्पेंस के बाद कांग्रेस ने गुरुवार को वरिष्ठ नेता वीडी सतीशन को केरल का नया मुख्यमंत्री नियुक्त करने की घोषणा की है। सतीशन को कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे (यूडीएफ) की ऐतिहासिक वापसी का मुख्य चेहरा माना जा रहा है।
यूडीएफ ने केरल विधानसभा की 140 सीटों में से 102 सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। इससे एक दशक से चले आ रहे वामपंथी गठबंधन (एलडीएफ) के शासन का अंत हुआ है। एलडीएफ मात्र 35 सीटों पर सिमट गया। पार्टी के भीतर केसी वेणुगोपाल के नाम पर भी विचार हुआ था, लेकिन अंत में सतीशन के नाम पर मुहर लगी।
कौन हैं वीडी सतीशन?
वीडी सतीशन पेशे से वकील हैं और अपनी साफ-सुथरी छवि तथा तार्किक बहस के लिए जाने जाते हैं। वे 2021 से 2026 तक केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता रहे। वे एर्नाकुलम जिले की परावुर सीट से 2001 से लगातार विधायक चुने जा रहे हैं।1964 में कोच्चि के पास नेटूर में जन्मे सतीशन ने छात्र राजनीति (एनएसयूआई) से अपना करियर शुरू किया। उन्होंने सोशल वर्क और कानून की पढ़ाई की तथा केरल उच्च न्यायालय में वकालत की। सतीशन को कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ-साथ सहयोगी दलों आईयूएमएल और केरल कांग्रेस (जोसेफ) के बीच भी अच्छी साख हासिल है।
कार्यकर्ताओं में उत्साह
वीडी सतीशन के मुख्यमंत्री बनने की घोषणा के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और यूडीएफ समर्थकों में उत्साह का माहौल है। राज्य के कई हिस्सों में समर्थकों ने मिठाइयां बांटी और जश्न मनाया।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह जीत जनता के भरोसे और पार्टी की मेहनत का परिणाम है। अब पार्टी का फोकस चुनावी वादों को पूरा करने और राज्य में विकास की नई दिशा देने पर रहेगा।
केरल की राजनीति में यह बदलाव आने वाले वर्षों में राज्य की राजनीतिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। वीडी सतीशन के नेतृत्व में नई सरकार से लोगों की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं।
