नई दिल्ली।खरीफ सीजन के शुरू होते ही किसानों के लिए साल की सबसे बड़ी खेती की शुरुआत हो जाती है। अगर बंपर उत्पादन और अच्छी कमाई करनी है तो जून के महीने और मानसून आने से पहले ही पूरी रणनीति तैयार कर लेनी चाहिए। एडवांस प्लानिंग से खेती की लागत कम होती है और फसलों को शुरुआती दौर में बीमारियों व मौसम की मार से बचाया जा सकता है।
खरीफ फसलों की अच्छी ग्रोथ के लिए सबसे जरूरी कदम खेतों की सही तैयारी है। जून से पहले खेतों की गहरी जुताई कर देनी चाहिए, जिससे मिट्टी को तेज धूप मिल सके और उसमें मौजूद हानिकारक कीट व फंगस खत्म हो जाएं। साथ ही मिट्टी की जांच करवानी चाहिए ताकि पोषक तत्वों की कमी पता चल सके। इस समय खेतों में सड़ी हुई गोबर की खाद या वर्मीकंपोस्ट डालें, जिससे मिट्टी की जलधारण क्षमता और उपजाऊ शक्ति बढ़े। जल निकासी का उचित प्रबंध भी अभी से कर लेना चाहिए।
चलते चलते बता दें कि, बेहतर उत्पादन के लिए उन्नत और प्रमाणित हाइब्रिड बीजों का चयन विश्वसनीय स्रोतों से करना चाहिए, जो कम पानी में उग सकें या रोग प्रतिरोधी हों। बुवाई से पहले बीजों का उपचार यानी सीड ट्रीटमेंट फफूंदनाशक या जैविक कल्चर से जरूर करें, ताकि शुरुआती पौधों में फंगस और कीड़ों का हमला न हो और अच्छे अंकुरण की संभावना बनी रहे।
