तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान युद्ध को धीरे-धीरे खत्म करने तथा होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की नाकाबंदी हटाने को लेकर सैद्धांतिक रूप से एक समझौते पर लगभग सहमत हो गए हैं। CBS न्यूज को यह जानकारी एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने दी है।
अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, समझौते पर अभी हस्ताक्षर नहीं हुए हैं। अंतिम मंजूरी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई से मिलनी बाकी है, जिसमें कुछ दिन लग सकते हैं। ईरान की ओर से फिलहाल सार्वजनिक रूप से समझौते की पुष्टि नहीं की गई है।
यहां यह बता दें कि, प्रस्तावित समझौते के तहत होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोल दिया जाएगा। इसके बदले ईरान अपने संवर्धित यूरेनियम भंडार को खत्म करने पर सहमत होगा। इस प्रक्रिया के तरीके पर अभी बातचीत जारी है। ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर कहा कि उन्होंने अपने लोगों को समझौते में कोई जल्दबाजी न करने का निर्देश दिया है।
वही यह भी जानकारी दे दे कि, ईअंतरराष्ट्रीय बाजार भी इस घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। तेल कंपनियां, निवेशक और वैश्विक व्यापार जगत इस संभावित समझौते को ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण मान रहे हैं। यदि क्षेत्र में स्थिरता लौटती है तो समुद्री व्यापार, तेल निर्यात और निवेश गतिविधियों में सुधार देखने को मिल सकता है।
हालांकि अभी अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर होना बाकी है, लेकिन दोनों देशों के बीच बातचीत का आगे बढ़ना एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। आने वाले दिनों में राष्ट्रपति ट्रम्प और ईरानी नेतृत्व की अंतिम मंजूरी के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल दुनिया की निगाहें इस संभावित समझौते पर टिकी हुई हैं, जो पश्चिम एशिया की राजनीति और वैश्विक अर्थव्यवस्था दोनों पर बड़ा असर डाल सकता है।
