नई दिल्ली। सोना-चांदी की कीमतों में बीते हफ्ते के चार कारोबारी दिनों में बड़ा बदलाव देखने को मिला। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी की कीमत में खासतौर पर तेज गिरावट दर्ज की गई।बीते सप्ताह चांदी की कीमत में 4,846 रुपये प्रति किलो की गिरावट आई। इससे पहले के आखिरी कारोबारी दिन 1 किलो चांदी का वायदा भाव 2,71,846 रुपये प्रति किलो पर बंद हुआ था, जो अब 2,67,000 रुपये प्रति किलो पर आ गया है। घरेलू बाजार में भी 1 किलो चांदी की कीमत 2,66,000 रुपये से घटकर 2,63,350 रुपये रह गई।
यहां यह बता दे कि, चांदी अपने हाई लेवल से काफी सस्ती हो चुकी है। एमसीएक्स पर जनवरी 2026 में चांदी 4,57,328 रुपये प्रति किलो के उच्चतम स्तर पर पहुंची थी। फिलहाल की गिरावट के बाद यह अपने उस हाई से 1,90,328 रुपये प्रति किलो सस्ती मिल रही है।सोने के भाव में भी मामूली गिरावट देखी गई। MCX पर 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 22 मई को 1,61,320 रुपये था, जो बीते शुक्रवार को 1,61,049 रुपये पर बंद हुआ। घरेलू बाजार में 10 ग्राम सोने की कीमत 1,58,117 रुपये से घटकर 1,56,463 रुपये रह गई।
रिकॉर्ड हाई से 1.90 लाख रुपये से ज्यादा नीचे
चांदी की मौजूदा कीमतों को देखें तो यह अपने ऐतिहासिक उच्च स्तर से काफी नीचे आ चुकी है। जनवरी 2026 में एमसीएक्स पर चांदी ने 4,57,328 रुपये प्रति किलो का रिकॉर्ड स्तर छुआ था। उस समय बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली थी और निवेशकों के बीच चांदी को लेकर उत्साह चरम पर था।
लेकिन अब हालिया गिरावट के बाद चांदी का भाव 2,67,000 रुपये प्रति किलो के आसपास पहुंच गया है। इसका मतलब है कि चांदी अपने रिकॉर्ड हाई से 1,90,328 रुपये प्रति किलो सस्ती हो चुकी है।यह अंतर दर्शाता है कि कमोडिटी बाजार में कीमतों में कितनी बड़ी अस्थिरता देखने को मिल सकती है। ऐसे में विशेषज्ञ निवेशकों को लंबी अवधि की रणनीति अपनाने और बाजार जोखिम को समझकर निवेश करने की सलाह देते हैं।
सोने के भाव में भी आई नरमी
चांदी के मुकाबले सोने में गिरावट अपेक्षाकृत कम रही। एमसीएक्स पर 24 कैरेट सोने का वायदा भाव 22 मई को 10 ग्राम के लिए 1,61,320 रुपये था। सप्ताह के अंत तक यह घटकर 1,61,049 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया।
यानी एमसीएक्स पर सोने के दाम में लगभग 271 रुपये प्रति 10 ग्राम की कमी दर्ज की गई। हालांकि यह गिरावट चांदी की तुलना में काफी सीमित रही, लेकिन इससे यह संकेत मिलता है कि निवेशकों का रुझान फिलहाल सतर्क बना हुआ है।
विशेषज्ञों के अनुसार, सोना और चांदी दोनों को पारंपरिक रूप से सुरक्षित निवेश विकल्प माना जाता है। हालांकि इनकी कीमतों में समय-समय पर उतार-चढ़ाव आता रहता है। हालिया गिरावट को कई निवेशक खरीदारी के अवसर के रूप में भी देख रहे हैं।
यह भी जानना आवश्चांयक हैं कि, चांदी में आई बड़ी गिरावट यह संकेत देती है कि कमोडिटी बाजार में निवेश करते समय जोखिम प्रबंधन बेहद जरूरी है। दूसरी ओर, सोने में सीमित गिरावट यह दर्शाती है कि निवेशकों का भरोसा अभी भी इस धातु पर बना हुआ है।बाजार विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम, केंद्रीय बैंकों की नीतियां, डॉलर की चाल और औद्योगिक मांग जैसे कारक सोना-चांदी की कीमतों की दिशा तय करेंगे।
फिलहाल बाजार की नजर अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संकेतकों और निवेशकों की गतिविधियों पर बनी हुई है। यदि वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बढ़ती है तो सोना और चांदी फिर से मजबूती दिखा सकते हैं। वहीं मुनाफावसूली और कमजोर मांग का दबाव बना रहने पर कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
कुल मिलाकर, बीते सप्ताह चांदी में आई तेज गिरावट ने बाजार को चौंकाया है। रिकॉर्ड स्तर से 1.90 लाख रुपये से अधिक नीचे आ चुकी चांदी निवेशकों के लिए चर्चा का विषय बनी हुई है, जबकि सोने में भी हल्की नरमी दर्ज की गई है। आने वाले सप्ताहों में दोनों कीमती धातुओं की चाल पर निवेशकों और कारोबारियों की नजर बनी रहेगी।
