नई दिल्ली। खेती के लिए अच्छे बीज चुनना किसानों के लिए बेहद जरूरी है, लेकिन बाजार में नकली बीजों की बिक्री तेजी से बढ़ रही है। नकली बीज बोने से फसल पूरी तरह बर्बाद हो सकती है और किसान की सालभर की मेहनत तथा निवेश भी डूब जाता है।बीज खरीदते समय किसानों को जागरूक रहना चाहिए। हमेशा सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त प्रमाणित डीलरों से ही बीज खरीदें। खरीदारी के बाद दुकान से नकद मेमो या बिल अवश्य लें, जिसमें बीज की किस्म, लॉट नंबर, एक्सपायरी डेट और दुकानदार के हस्ताक्षर हों।
पैकेट खोलने से पहले उसकी जांच कर लें। असली और प्रमाणित बीज के पैकेट पर नीले या हरे रंग का सरकारी टैग लगा होता है। साथ ही अच्छी कंपनियां चमकदार होलोग्राम लगाती हैं। पैकेट की सील टूटी या दोबारा चिपकाई हुई नहीं होनी चाहिए। पैकेट पर मैन्युफैक्चरिंग डेट, शुद्धता का प्रतिशत और अंकुरण क्षमता स्पष्ट रूप से लिखी होनी चाहिए।
अगर पैकेट देखकर भी संदेह हो तो घर पर सरल टेस्ट कर सकते हैं। पानी से भरे बर्तन में बीज डालें, नकली या खोखले बीज ऊपर तैरेंगे जबकि असली भारी बीज नीचे बैठ जाएंगे। इसके अलावा गीले सूती कपड़े में 10-20 बीज लपेटकर दो-तीन दिन रखें। अगर अधिकांश बीजों में अंकुर निकल आएं तो बीज अच्छी गुणवत्ता का है।
नकली बीज किसानों के लिए बड़ा खतरा
किसान अपनी फसल तैयार करने में पूरे वर्ष की मेहनत, समय और पूंजी लगाते हैं। बीज, खाद, सिंचाई, मजदूरी और अन्य कृषि कार्यों पर होने वाला खर्च लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में यदि बीज ही नकली निकल जाए तो किसान को दोहरा नुकसान झेलना पड़ता है। एक ओर उत्पादन कम होता है, वहीं दूसरी ओर निवेश की भरपाई भी नहीं हो पाती।
विशेषज्ञों के अनुसार नकली बीज अक्सर ऐसे पैकेटों में बेचे जाते हैं जो देखने में असली उत्पाद जैसे लगते हैं। कई बार किसान आकर्षक पैकेजिंग या कम कीमत के लालच में ऐसे बीज खरीद लेते हैं। इसलिए बीज खरीदते समय अतिरिक्त सावधानी बरतना आवश्यक है।
खेती में सफलता का पहला कदम सही बीज का चयन है। इसलिए किसानों को चाहिए कि वे किसी भी प्रकार के लालच या जल्दबाजी से बचें और केवल प्रमाणित एवं गुणवत्तापूर्ण बीजों का ही उपयोग करें, ताकि उनकी मेहनत रंग लाए और फसल से बेहतर लाभ प्राप्त हो सके।
