नई दिल्ली/एवियन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच फ्रांस के एवियन शहर में G-7 समिट के दौरान मुलाकात हुई। पीएम मोदी को देखकर ट्रम्प कुर्सी से उठे और दोनों ने हाथ मिलाया। दोनों के बीच करीब 5 मिनट तक बातचीत हुई और वे एक साथ बैठे नजर आए।
यह मुलाकात 16 महीनों के बाद हुई है। दोनों G-7 आउटरीच सेशन में भी साथ-साथ बैठे। प्रधानमंत्री और अमेरिकी राष्ट्रपति की पिछली मुलाकात फरवरी 2025 में व्हाइट हाउस में हुई थी। G-7 समिट पहुंचने पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने पीएम मोदी का स्वागत किया। G-7 देशों के नेताओं ने ग्रुप फोटो भी खिंचवाई।
इसी दौरान प्रधानमंत्री मोदी की इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से भी मुलाकात हुई। मेलोनी ने मोदी से कहा कि दोबारा मिलकर अच्छा लगा, हम इंस्टाग्राम पर सबसे फेमस हैं। मोदी ने पिछले महीने रोम दौरे पर मेलोनी को मेलोडी टॉफी दी थी, जिसका वीडियो वायरल हुआ था। यह दोनों की दो महीने के अंदर दूसरी मुलाकात थी।
16 महीने बाद हुई आमने-सामने की मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की यह पहली प्रत्यक्ष मुलाकात थी जो लगभग 16 महीने के अंतराल के बाद हुई। इससे पहले दोनों नेताओं की मुलाकात फरवरी 2025 में अमेरिका के व्हाइट हाउस में हुई थी। उस बैठक में व्यापार, रक्षा सहयोग, तकनीकी साझेदारी और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा सहित कई अहम विषयों पर चर्चा हुई थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। ऐसे में G-7 समिट के दौरान दोनों नेताओं की मुलाकात को द्विपक्षीय संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि आउटरीच सत्र में हुई बातचीत का आधिकारिक विवरण सामने नहीं आया, लेकिन माना जा रहा है कि दोनों नेताओं ने वैश्विक आर्थिक चुनौतियों, क्षेत्रीय सुरक्षा और भविष्य के सहयोग पर संक्षिप्त चर्चा की।
मोदी और ट्रम्प की मुलाकात, मैक्रों के साथ संवाद तथा मेलोनी से गर्मजोशी भरी बातचीत ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि भारत आज वैश्विक कूटनीति के केंद्र में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। अब दुनिया की निगाहें दोनों देशों के नेताओं के बीच होने वाली संभावित द्विपक्षीय बैठक और उससे निकलने वाले परिणामों पर टिकी हुई हैं।
