हैदराबाद। तेलंगाना के हैदराबाद में आयोजित संयुक्त स्नातक परेड के दौरान हरियाणा के करनाल की निधि अग्रवाल भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर बनकर उभरीं। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद परेड में शामिल होने पर उनके परिवार की वर्षों पुरानी इच्छा पूरी हुई। इस मौके पर उनके पिता सुधीर कुमार अग्रवाल की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े।
परेड के बाद निधि सबसे पहले अपनी मां के पास पहुंचीं और फिर पिता के पास गईं। वर्दी में बेटी को देखकर सुधीर कुमार खुद को रोक नहीं पाए। उन्होंने निधि को गले लगाया, पीठ थपथपाई और गर्व से उनका हाथ ऊपर उठाया। निधि ने अपनी कैप पिता के सिर पर रख दी, जिसके बाद सुधीर कुमार ने बेटी को सैल्यूट किया और निधि ने भी सम्मान में सैल्यूट लौटाया। इस भावुक पल में मां भी शामिल हुईं।
पिता का अधूरा सपना हुआ पूरा
निधि की सफलता के पीछे उनके पिता का सपना और प्रेरणा भी जुड़ी हुई है। सुधीर कुमार अग्रवाल ने बताया कि छात्र जीवन से ही उनका सपना सेना में जाने का था। वह देश की सेवा करना चाहते थे, लेकिन किसी कारणवश उनका यह सपना पूरा नहीं हो पाया।
उन्होंने भावुक होकर कहा, “मैं फोर्स में जाना चाहता था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। आज मेरी बेटी ने मेरा वही सपना पूरा कर दिया है। मुझे उस पर गर्व है और यह मेरे जीवन के सबसे खुशी भरे पलों में से एक है।”
उनकी यह बात दर्शाती है कि कभी-कभी माता-पिता के अधूरे सपने उनकी संतानें पूरा करती हैं और वह उपलब्धि पूरे परिवार के लिए गर्व का विषय बन जाती है।
परिवार ने दिया पूरा समर्थन
निधि की सफलता के पीछे उनके परिवार का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। परिवार ने हमेशा बेटियों को आगे बढ़ने और अपने सपनों को पूरा करने की स्वतंत्रता दी।
उनकी बड़ी बहन कोमल ने भी छात्र जीवन में एनसीसी में शानदार प्रदर्शन किया था। इससे परिवार में अनुशासन, नेतृत्व और देश सेवा की भावना को और मजबूती मिली।
निधि के परिवार ने कभी बेटियों और बेटों के बीच कोई भेदभाव नहीं किया। उन्हें शिक्षा, करियर और जीवन के फैसले लेने की पूरी स्वतंत्रता दी गई। यही सकारात्मक माहौल निधि की सफलता का आधार बना।
आज करनाल की यह बेटी न केवल अपने परिवार के लिए गर्व का कारण बनी है, बल्कि देशभर के युवाओं, विशेषकर लड़कियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन गई है। उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि सपनों को सच करने के लिए जुनून, अनुशासन और निरंतर प्रयास सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में उनकी नई यात्रा अब शुरू हो चुकी है और पूरा देश उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना कर रहा है।
