नई दिल्ली। पीएम-किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थी किसानों के लिए 23वीं किस्त जारी होने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के तारकेश्वर से एक कार्यक्रम के दौरान किसानों के खातों में 2,000 रुपये की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर करेंगे।इस बार सरकार ने वेरिफिकेशन नियमों को सख्ती से लागू किया है। केवल पात्र किसानों को ही लाभ मिलेगा। यदि ई-केवाईसी, आधार से बैंक खाता लिंकिंग और लैंड सीडिंग में से कोई भी प्रक्रिया अधूरी है तो 23वीं किस्त अटक सकती है।
ई-केवाईसी अनिवार्य है। किसान पीएम किसान पोर्टल, कॉमन सर्विस सेंटर या फेस ऑथेंटिकेशन ऐप के जरिए इसे पूरा कर सकते हैं। साथ ही बैंक खाता आधार से लिंक होना चाहिए और डीबीटी सुविधा सक्रिय होनी चाहिए। गलत बैंक जानकारी या अधूरी आधार लिंकिंग के कारण राशि ट्रांसफर नहीं होगी।लैंड सीडिंग वेरिफिकेशन इस बार सबसे महत्वपूर्ण है। यह किसान की जमीन के रिकॉर्ड को पीएम किसान पोर्टल से जोड़ने की प्रक्रिया है। यदि पोर्टल पर लैंड सीडिंग के सामने ‘नो’ दिख रहा है तो वेरिफिकेशन अधूरा माना जाएगा।
लैंड सीडिंग ऑनलाइन नहीं होती। किसानों को अपने क्षेत्र के लेखपाल, पटवारी या राजस्व विभाग के अधिकारी से संपर्क करना होगा। खतौनी, आधार कार्ड की कॉपी और पीएम किसान रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ वेरिफिकेशन करवाना जरूरी है। किसान आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ई-केवाईसी, आधार ऑथेंटिकेशन, लैंड सीडिंग का स्टेटस और लाभार्थी सूची में अपना नाम देख सकते हैं। सभी के सामने ‘यस’ होना आवश्यक है।
केवल पात्र किसानों को मिलेगा लाभ
सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ केवल वास्तविक और पात्र किसानों तक पहुंचे। इसी कारण लाभार्थियों के रिकॉर्ड का व्यापक सत्यापन किया जा रहा है। जिन किसानों की जानकारी अधूरी है या जिनके दस्तावेजों का सत्यापन नहीं हुआ है, उन्हें इस बार किस्त प्राप्त करने में परेशानी हो सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल सत्यापन प्रक्रिया से फर्जी लाभार्थियों की पहचान करने और योजना की पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिल रही है।
ई-केवाईसी कैसे करें?
- पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
- “Farmer Corner” सेक्शन में जाएं।
- “e-KYC” विकल्प पर क्लिक करें।
- अपना आधार नंबर दर्ज करें।
- आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर प्राप्त OTP दर्ज करें।
- सत्यापन पूरा होने पर ई-केवाईसी सफल माना जाएगा।
यदि OTP आधारित प्रक्रिया संभव न हो तो किसान CSC केंद्र पर जाकर बायोमेट्रिक सत्यापन करा सकते हैं।
आधार लिंकिंग भी है अनिवार्य
सरकार ने स्पष्ट किया है कि लाभार्थी का बैंक खाता आधार से लिंक होना चाहिए। इसके साथ ही DBT सुविधा भी सक्रिय होनी आवश्यक है।
यदि बैंक खाते की जानकारी गलत है, आधार नंबर में त्रुटि है या बैंक खाता आधार से लिंक नहीं है, तो राशि ट्रांसफर होने में समस्या आ सकती है। ऐसे मामलों में भुगतान असफल हो सकता है और किसान को अगली किस्त तक इंतजार करना पड़ सकता है।
इसलिए किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने बैंक खाते की जानकारी और आधार लिंकिंग की स्थिति की जांच अवश्य करें।
विशेषज्ञों का सुझाव है कि किसान अंतिम समय तक इंतजार न करें और तुरंत अपने दस्तावेजों तथा सत्यापन की स्थिति की जांच कर लें। ई-केवाईसी, आधार लिंकिंग और लैंड सीडिंग जैसी प्रक्रियाएं पूरी होने पर ही 23वीं किस्त बिना किसी बाधा के खाते में पहुंच सकेगी।
कुल मिलाकर, पीएम किसान योजना की 23वीं किस्त करोड़ों किसानों के लिए राहत लेकर आ रही है, लेकिन इस बार सख्त सत्यापन नियमों के कारण केवल उन्हीं किसानों को लाभ मिलेगा जिनकी सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी और सत्यापित हैं। इसलिए लाभार्थियों के लिए अपने रिकॉर्ड की जांच और आवश्यक सुधार समय रहते कर लेना बेहद जरूरी है।
