नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी की घटना पर दुख व्यक्त किया है। संघ ने भरोसा जताया कि मामले की जांच जल्द ही निर्णायक मोड़ लेगी।
कर्नाटक के बेलगावी में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा कि श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दान पेटी में जमा राशि की गिनती में अनियमितताओं की घटना पर सभी ने दुख जताया। संगठन ने मंदिर ट्रस्ट से आग्रह किया कि ऐसी कोई घटना दोबारा न हो, जिससे भक्तों की आस्था पर प्रभाव पड़े।
आरएसएस ने अपने बयान में कहा कि इस घटना को मंदिर प्रशासन में जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिए जवाबदेही और सुरक्षा उपायों की जरूरत के रूप में देखा गया है। सुनील आंबेकर ने बताया कि तीर्थ क्षेत्र न्यास के अनुरोध पर शुरू की गई एसआईटी और पुलिस कार्रवाई सही दिशा में आगे बढ़ेगी।संघ ने उम्मीद जताई कि ट्रस्ट उचित इंतजाम करे ताकि भविष्य में राम मंदिर के प्रति राम भक्तों की श्रद्धा और आस्था को किसी प्रकार की ठेस न पहुंचे। बैठक में विभिन्न राज्यों के पदाधिकारियों, कार्यकारी सदस्यों और संघ से जुड़े 42 संगठनों के प्रमुखों ने भाग लिया।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और संबंधित एजेंसियां उपलब्ध तथ्यों तथा साक्ष्यों के आधार पर अपनी कार्रवाई कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कथित अनियमितताओं की प्रकृति क्या थी और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। वहीं, आरएसएस ने अपनी ओर से यही अपेक्षा व्यक्त की है कि भविष्य में ऐसे प्रभावी इंतजाम किए जाएं, जिनसे राम मंदिर के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था, विश्वास और सम्मान पूरी तरह सुरक्षित बना रहे।
