नई दिल्ली।मॉनसून का मौसम नया पौधा लगाने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। इस समय मिट्टी में प्राकृतिक नमी होती है, जिससे जड़ें तेजी से फैलती हैं। जुलाई-अगस्त के महीने फलदार या अन्य पौधों को लगाने के लिए आदर्श होते हैं, लेकिन सही तरीके का पालन न करने पर पौधे सड़ सकते हैं।
पौधों की अच्छी ग्रोथ के लिए सबसे पहले भरोसेमंद जगह से पौधे खरीदें। सरकारी उद्यान विभाग, वन विभाग या रजिस्टर्ड नर्सरी से ही पौधे लें। पौधा चुनते समय तना मजबूत, जड़ें विकसित और पत्तियों पर किसी बीमारी या कीड़े का निशान न हो, इसका ध्यान रखें।
पौधा लगाने से पहले गड्ढे की सही तैयारी करें। निकाली गई मिट्टी के एक-तिहाई हिस्से में बराबर मात्रा में बालू और सड़ी गोबर की खाद मिलाएं। इसमें थोड़ा एंटीफंगल पाउडर भी डालें ताकि शुरुआती दिनों में जड़ों में बीमारी न लगे। अच्छी बारिश होने पर पॉलिथीन को सावधानी से हटाकर पौधे को गड्ढे के बीच में रखें। जड़ों को ऊपरी सतह से 2-3 इंच नीचे दबाएं और मिट्टी को हल्का दबाकर भरें।
गमलों या खेत में जलभराव न होने दें, क्योंकि ज्यादा पानी जड़ों के लिए हानिकारक है। जल निकासी का उचित इंतजाम करें। पौधा लगाने के बाद आसपास उगने वाले खरपतवार निकालते रहें और तने के चारों ओर सूखी घास या पत्तियों की परत बिछाकर मल्चिंग करें, जिससे मिट्टी की नमी बनी रहे और जड़ें सुरक्षित रहें।
आइए जानते हैं बरसात के मौसम में पौधे लगाने के लिए पांच जरूरी टिप्स।-
1. हमेशा भरोसेमंद जगह से ही खरीदें पौधे
पौधे की गुणवत्ता उसकी भविष्य की वृद्धि तय करती है। इसलिए पौधे हमेशा सरकारी उद्यान विभाग, वन विभाग या किसी रजिस्टर्ड और विश्वसनीय नर्सरी से ही खरीदने चाहिए। अच्छी गुणवत्ता वाले पौधे रोगों के प्रति अधिक प्रतिरोधी होते हैं और तेजी से विकसित होते हैं।
2. गड्ढे की सही तैयारी है सफल पौधारोपण की कुंजी
पौधा लगाने से पहले गड्ढे की तैयारी बेहद महत्वपूर्ण होती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि गड्ढे से निकाली गई मिट्टी के लगभग एक-तिहाई हिस्से में बराबर मात्रा में बालू और अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद मिलाई जाए। इससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और जड़ों को पर्याप्त पोषण मिलता है।
3. पौधे को सही गहराई पर लगाएं
जब अच्छी बारिश हो जाए और मिट्टी में पर्याप्त नमी आ जाए, तब पौधे की पॉलिथीन को सावधानीपूर्वक हटाकर उसे गड्ढे के बीच में रखें। इस दौरान जड़ों को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए।
पौधे की जड़ों को मिट्टी की ऊपरी सतह से लगभग 2 से 3 इंच नीचे रखें और धीरे-धीरे मिट्टी भरते हुए हल्के हाथों से दबाएं, ताकि जड़ों के आसपास हवा की खाली जगह न रहे। बहुत अधिक दबाव डालने से जड़ों को नुकसान हो सकता है, जबकि ढीली मिट्टी पौधे को स्थिरता नहीं दे पाती।
4. जलभराव से बचाना सबसे जरूरी
बरसात के मौसम में सबसे बड़ी चुनौती जलभराव होती है। कई लोग यह मान लेते हैं कि अधिक पानी पौधों के लिए लाभदायक होता है, जबकि वास्तविकता इसके विपरीत है। लगातार पानी भरा रहने से जड़ों में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है, जिससे वे सड़ने लगती हैं और पूरा पौधा खराब हो सकता है।
5. खरपतवार हटाएं और करें मल्चिंग
पौधा लगाने के बाद उसकी नियमित देखभाल भी उतनी ही जरूरी होती है। पौधे के आसपास उगने वाले खरपतवार समय-समय पर निकालते रहें, क्योंकि ये पौधे के पोषक तत्व और नमी का बड़ा हिस्सा अपने लिए उपयोग कर लेते हैं।
