मुंबई। छोटे पर्दे के सबसे लोकप्रिय कलाकारों में शामिल दिलीप जोशी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार चर्चा उनकी शानदार एक्टिंग या कॉमिक टाइमिंग की नहीं, बल्कि उनकी कथित फीस और लोकप्रिय टीवी शो ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावों की है। इंटरनेट पर ऐसी बातें तेजी से साझा की जा रही हैं कि दिलीप जोशी की बढ़ी हुई फीस शो के निर्माताओं के लिए परेशानी का कारण बन गई है और इसी वजह से उनके शो छोड़ने की अटकलें लगाई जा रही हैं।
18 साल से निभा रहे हैं जेठालाल का किरदार
दिलीप जोशी वर्ष 2008 में शुरू हुए ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ के शुरुआती कलाकारों में शामिल हैं। उन्होंने शो में जेठालाल गड़ा का किरदार निभाकर घर-घर में अपनी अलग पहचान बनाई। बीते 18 वर्षों में यह किरदार भारतीय टेलीविजन के सबसे लोकप्रिय और यादगार पात्रों में गिना जाने लगा है।
शो की सफलता में दिलीप जोशी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। उनकी कॉमिक टाइमिंग, संवाद अदायगी और अन्य कलाकारों के साथ उनकी स्क्रीन केमिस्ट्री ने दर्शकों का लगातार मनोरंजन किया है। यही वजह है कि उन्हें टीवी इंडस्ट्री के सबसे चर्चित और सफल अभिनेताओं में गिना जाता है।
फीस को लेकर क्यों हो रही है चर्चा?
सोशल मीडिया और कुछ मनोरंजन प्लेटफॉर्म्स पर यह दावा किया जा रहा है कि दिलीप जोशी टीवी के सबसे अधिक फीस लेने वाले कलाकारों में शामिल हैं। इसी के आधार पर यह भी कहा जा रहा है कि उनकी फीस का बोझ शो के निर्माताओं पर बढ़ता जा रहा है और इससे उत्पादन लागत प्रभावित हो रही है।
यहां यह जानकारी देते चले कि, सोशल मीडिया और कुछ मनोरंजन प्लेटफॉर्म्स पर यह दावा किया जा रहा है कि दिलीप जोशी टीवी के सबसे अधिक फीस लेने वाले कलाकारों में शामिल हैं। इसी के आधार पर यह भी कहा जा रहा है कि उनकी फीस का बोझ शो के निर्माताओं पर बढ़ता जा रहा है और इससे उत्पादन लागत प्रभावित हो रही है।हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि दिलीप जोशी की वास्तविक फीस, अनुबंध की शर्तों या निर्माताओं की वित्तीय स्थिति को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। इसलिए वायरल दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
चलते चलते बताते चले कि, दिलीप जोशी आज भी भारतीय टेलीविजन के सबसे लोकप्रिय कलाकारों में गिने जाते हैं और ‘जेठालाल’ का उनका किरदार दर्शकों के दिलों में विशेष स्थान रखता है। ऐसे में उनसे जुड़ी किसी भी खबर पर लोगों की उत्सुकता स्वाभाविक है, लेकिन तथ्य और अफवाह के बीच अंतर करना भी उतना ही आवश्यक है।
