नई दिल्ली।नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने नीट यूजी 2026 परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। परीक्षा में कुल 20 लाख छात्रों ने भाग लिया, जिनमें से 11.21 लाख छात्र सफल हुए हैं। रिजल्ट के साथ कटऑफ, टॉपर्स लिस्ट और फाइनल आंसर-की भी जारी की गई है। इस साल 19 छात्रों ने 700 से अधिक अंक प्राप्त किए हैं।
आर्यन गुप्ता और पांशुल बंसल ने 720 में से 715 अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से टॉप किया है। 690 से अधिक अंक हासिल करने वाले 138 छात्रों में से 93 प्रतिशत पहली बार परीक्षा में शामिल हुए थे। कुल 26 छात्रों ने 690 से ज्यादा अंक, 1,492 छात्रों ने 650 से अधिक, 10,160 छात्रों ने 600 से ज्यादा और 90,780 छात्रों ने 500 से अधिक अंक हासिल किए।महिलाओं ने इस बार बेहतर प्रदर्शन किया। कुल 11.21 लाख क्वालीफाइंग उम्मीदवारों में महिलाओं की संख्या 58 प्रतिशत से अधिक रही। कुल 57 प्रतिशत से अधिक महिलाओं ने परीक्षा पास की, जबकि पुरुषों की सफलता दर 55 प्रतिशत रही।
कैटेगरी वाइज सफलता
जनरल कैटेगरी में 2.91 लाख, ओबीसी-एनसीएल में 5.12 लाख, एससी में 1.59 लाख, एसटी में 63,716, जनरल-ईडब्ल्यूएस में 95,026 और दिव्यांग श्रेणी में 3,666 छात्र सफल हुए। उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 1.7 लाख छात्र सफल हुए, जबकि लक्षद्वीप से 43 छात्रों ने सफलता हासिल की।
19 छात्रों ने 700 से अधिक अंक प्राप्त किए
इस वर्ष के परिणाम की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि 19 छात्रों ने 700 से अधिक अंक हासिल किए। मेडिकल प्रवेश परीक्षा में 700 से अधिक अंक प्राप्त करना असाधारण उपलब्धि माना जाता है, क्योंकि परीक्षा का अधिकतम स्कोर 720 अंक होता है और प्रश्नों का स्तर काफी चुनौतीपूर्ण होता है।
एनटीए द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, आर्यन गुप्ता और पांशुल बंसल ने 720 में से 715 अंक हासिल कर संयुक्त रूप से अखिल भारतीय स्तर पर पहला स्थान प्राप्त किया। दोनों छात्रों का प्रदर्शन पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है और उन्होंने कठिन प्रतिस्पर्धा के बीच शीर्ष स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है।
यहां यह बताते चले कि, NEET UG 2026 का परिणाम लाखों छात्रों के लिए नए शैक्षणिक सफर की शुरुआत है। करीब 20 लाख परीक्षार्थियों में से 11.21 लाख उम्मीदवारों का सफल होना इस परीक्षा के व्यापक प्रभाव को दर्शाता है। वहीं आर्यन गुप्ता और पांशुल बंसल का 715 अंक के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष स्थान हासिल करना इस वर्ष की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल है। साथ ही 19 छात्रों का 700 से अधिक अंक प्राप्त करना, पहली बार परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों का शानदार प्रदर्शन और महिलाओं की बेहतर सफलता दर इस वर्ष के परिणाम की प्रमुख विशेषताएं रही हैं। अब सफल उम्मीदवारों की नजर आगामी मेडिकल काउंसलिंग और पसंदीदा मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पर टिकी रहेगी।
