नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाली रूचिका सिंह का एक नया वीडियो सामने आया है। नीट पेपर लीक मामले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा जंतर-मंतर पर किए गए विरोध-प्रदर्शन के दौरान उन्होंने यह टिप्पणी की थी। नए वीडियो में रूचिका सिंह पूरे देश से माफी मांगती नजर आ रही हैं।वीडियो में रूचिका सिंह कहती हैं, ‘मैं सिर्फ 15 साल की हूं। मैंने जो कुछ भी किया वह माफी के लायक नहीं है। मैंने बहुत सी बुरी बातें कही हैं।’ उन्होंने इसे अपनी पहली और आखिरी गलती बताते हुए कहा कि उन्हें बहुत शर्म आ रही है और वे खुद को देख भी नहीं सकतीं। उन्होंने पूरे देश से माफी मांगी है।
सुप्रीम कोर्ट की वकील स्मृति सिंह की शिकायत पर नोएडा पुलिस ने रूचिका सिंह के खिलाफ कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया था। एफआईआर में उनकी उम्र 25 साल बताई गई थी।रूचिका सिंह ने नोएडा के सेक्टर 135 स्थित एक सैलून में नेल आर्ट की ट्रेनिंग ली थी। उन्होंने वहां अपना नाम मैनसिल जैन बताया था। सैलून मालिक के बार-बार आधार कार्ड मांगने पर वे नौ दिन में ही तीन महीने की ट्रेनिंग छोड़कर चली गई थीं। सैलून संचालक टीपी त्रिपाठी ने बताया कि करीब एक माह पहले वे उनके सैलून आई थीं और काम सीखने की इच्छा जताई थी।
वीडियो में मांगी पूरे देश से माफी
सामने आए नए वीडियो में रूचिका सिंह भावुक नजर आती हैं। वीडियो में वह कहती हैं, “मैं सिर्फ 15 साल की हूं। मैंने जो कुछ भी किया, वह माफी के लायक नहीं है। मैंने बहुत सी बुरी बातें कही हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि यह उनके जीवन की पहली और आखिरी गलती है। रूचिका ने कहा कि उन्हें अपने व्यवहार पर बेहद शर्मिंदगी महसूस हो रही है और वह खुद का चेहरा भी नहीं देख पा रही हैं। उन्होंने देशवासियों से हाथ जोड़कर माफी मांगते हुए भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसी गलती दोबारा नहीं दोहराएंगी।
आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद दर्ज हुई थी एफआईआर
प्रधानमंत्री पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद सुप्रीम कोर्ट की वकील स्मृति सिंह की शिकायत पर नोएडा पुलिस ने रूचिका सिंह के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि सार्वजनिक मंच से की गई टिप्पणी अनुचित और आपत्तिजनक थी।
पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद संबंधित वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को जांच के दायरे में लिया। मामले की जांच के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल क्लिप्स और अन्य उपलब्ध सामग्री की भी पड़ताल की जा रही है।
हालांकि, पुलिस की ओर से जांच पूरी होने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है। ऐसे मामलों में अंतिम स्थिति अदालत और जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर ही स्पष्ट होती है।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में उम्र से जुड़े दावों, पहचान संबंधी तथ्यों और दर्ज शिकायत के विभिन्न पहलुओं पर क्या निष्कर्ष निकलता है। अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया और जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर ही सामने आएगा। ऐसे मामलों में तथ्यों की पुष्टि और कानून के अनुसार कार्रवाई ही सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है।
