पटना। बिहार के बांकीपुर, गुजरात के मांजलपुर और मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा सीटों पर 30 जुलाई को हुए उपचुनाव के वोटों की गिनती तीन अगस्त को जारी रही। इन सीटों पर मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा बल तैनात किए गए थे।गुजरात के मांजलपुर में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार सतीश पटेल ने जीत दर्ज की। उन्हें कुल 55,481 वोट मिले जबकि कांग्रेस के भीखाभाई रबारी को 24,851 वोट प्राप्त हुए। बीजेपी 30,630 वोटों के अंतर से विजयी रही। इस सीट पर नोटा पर 2,247 वोट पड़े।
इस कड़ी में जानकारी दे दें कि, बिहार के बांकीपुर में जन सुराज पार्टी के प्रशांत किशोर 20वें राउंड की गिनती के बाद 11,621 वोटों से आगे चल रहे थे। उन्हें 40,169 वोट मिले जबकि भाजपा के नीरज सिन्हा को 28,548 वोट मिले। राजद उम्मीदवार को 10,035 वोट प्राप्त हुए। बढ़त जारी रहने पर जन सुराज कार्यालय में अबीर-गुलाल और मिठाइयों के साथ जश्न मनाया गया। पटना में भी कार्यकर्ताओं ने गुलाल लगाकर जश्न मनाया।मध्य प्रदेश के दतिया में कांग्रेस के घनश्याम सिंह 10वें राउंड तक 10,913 मतों से आगे चल रहे थे। उन्हें 50,309 वोट मिले जबकि भाजपा उम्मीदवार को 39,396 वोट मिले। कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी की तस्वीर लेकर जश्न मनाया। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि इस चुनाव ने राज्य की भाजपा सरकार का असली चेहरा सामने ला दिया है और जनता ने बदलाव का संकेत दिया है।
तीन राज्यों के विधानसभा उपचुनावों के नतीजों पर देशभर की नजर
बिहार, गुजरात और मध्य प्रदेश की तीन महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनावों की मतगणना ने अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग राजनीतिक तस्वीर पेश की है। 30 जुलाई को मतदान के बाद 3 अगस्त को वोटों की गिनती शुरू हुई, जहां मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। शुरुआती और मध्य दौर के रुझानों के साथ कई स्थानों पर राजनीतिक कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला, जबकि अंतिम परिणामों ने भी कई अहम राजनीतिक संकेत दिए।
गुजरात के मांजलपुर विधानसभा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने बड़ी जीत दर्ज की, वहीं मध्य प्रदेश के दतिया में कांग्रेस ने मजबूत बढ़त बनाई। दूसरी ओर बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर लगातार बढ़त बनाए हुए दिखाई दिए, जिससे राज्य की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई।
इन तीनों विधानसभा उपचुनावों के नतीजे संबंधित राज्यों की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। गुजरात में बीजेपी की बड़ी जीत ने पार्टी की संगठनात्मक मजबूती को फिर रेखांकित किया है। दूसरी ओर मध्य प्रदेश में कांग्रेस की बढ़त विपक्ष के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
बिहार में जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार के रूप में प्रशांत किशोर की बढ़त ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। यदि यह बढ़त अंतिम परिणाम में भी जीत में बदलती है, तो इसे राज्य की राजनीतिक दिशा में एक उल्लेखनीय घटनाक्रम माना जाएगा।
हालांकि चुनावी नतीजों का अंतिम आकलन निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित आधिकारिक परिणामों के आधार पर ही किया जाएगा, लेकिन अब तक सामने आए आंकड़े यह संकेत देते हैं कि तीनों राज्यों में मतदाताओं ने अलग-अलग राजनीतिक संदेश दिए हैं। आने वाले समय में इन परिणामों का असर संबंधित राज्यों की राजनीतिक रणनीतियों और आगामी चुनावी तैयारियों पर भी देखने को मिल सकता है।
