सरकार ने आईडीबीआई बैंक की बिक्री को लेकर प्रक्रिया तेज़ कर दी है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, कनाडा की फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स सबसे आगे है और उसने बैंक के लिए लगभग 53,000 करोड़ रुपये का वैल्यूएशन प्रस्तावित किया है।
हिस्सेदारी और निवेश
आईडीबीआई बैंक में फिलहाल सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की संयुक्त हिस्सेदारी 60.72% है। इसमें सरकार की हिस्सेदारी 30.48% और एलआईसी की हिस्सेदारी 30.24% है। दोनों संस्थाएं अपनी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में हैं।
प्रक्रिया और पृष्ठभूमि
आईडीबीआई बैंक के निजीकरण की प्रक्रिया वर्ष 2021 में शुरू हुई थी। कई बार देरी के बाद अब सरकार और एलआईसी इस सौदे को अंतिम रूप देने के करीब हैं। फेयरफैक्स के अलावा अन्य निवेशकों ने भी रुचि दिखाई थी, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक फेयरफैक्स का प्रस्ताव सबसे मज़बूत माना जा रहा है।
असर और महत्व
इस सौदे के बाद आईडीबीआई बैंक पूरी तरह निजी हाथों में चला जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे बैंकिंग सेक्टर में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और आईडीबीआई बैंक को नई रणनीतिक दिशा मिलेगी। वहीं, सरकार को बड़ी रकम प्राप्त होगी, जो वित्तीय घाटे को कम करने में मददगार साबित हो सकती है।
